नक्सलियों पर लगाम के लिए बेहतर करेंगे तालमेल फोटो- सनतबिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों पर लगाम लगाने व विकास योजनाओं को पूरा कराने पर हुआ मंथन गृह मंत्रालय के अपर सचिव ने बिहार-झारखंड व सीआरपीएफ के पदाधिकारियों के साथ की बैठक संवाददाता, गया बिहार व झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस बल के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सीपीएमएफ के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है. इसके लिए दोनों राज्यों के पदाधिकारियों के बीच को-ऑर्डिनेशन का होना भी जरूरी है. बुधवार को गया समाहरणालय के सभागार में गृह मंत्रालय के अपर सचिव (एल डब्ल्यू इ) जयदीप गोविंद ने बैठक कर दोनों राज्यों के पदाधिकारियों से कही. अपर सचिव ने कहा कि नक्सली गतिविधियों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है. इसके कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है. इसे खत्म करने के लिए अभियान को तेज करते हुए सघन छापेमारी की जरूरत है. साथ ही उक्त क्षेत्रों में तैनात सीआरपीएफ व अन्य केंद्रीय फोर्स व दोनों राज्यों की पुलिस के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर विकास से जुड़ी योजनाओं को पूरा कराने पर भी बल दिया. बैठक में शामिल आइजी (ऑपरेशन) सुशील मान सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली गतिविधि को कम करने के लिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान को तेज करने पर चर्चा की गयी है. उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में रूकावट पैदा कर रहे नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी तेज करने व विकास कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए सुरक्षा बलों की कार्यस्थलों पर तैनाती को लेकर विमर्श किया गया. इसके लिए सीपीएमएफ, झारखंड पुलिस व बिहार पुलिस के जवानों के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया गया व तैयार रणनीति के तहत कार्य करने पर मंत्रणा की गयी. बैठक के दौरान मौजूद पदाधिकारियों ने अपना-अपना सुझाव भी दिया. उल्लेखनीय है कि झारखंड-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली संगठनों द्वारा विकास कार्यों को बाधित किया जाता रहा है व लेवी वसूली को लेकर कंस्ट्रक्शन कंपनियों के कर्मचारियों के साथ मारपीट व उनके मशीनों को भी क्षतिग्रस्त किया जाता रहा है. इससे विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पाती और लोगों की परेशानी बढ़ते चली जा रही है. नक्सलियों के रूकावट के कारण केंद्र द्वारा नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराये जा रहे आवंटन खर्च नहीं हो पा रहे हैं व विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.बैठक में शामिल हुए कई पदाधिकारीबिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों में गति लाने को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के अपर सचिव ने की. इसमें गृह मंत्रालय (एलडब्ल्यू इ) के निदेशक दीपक कुमार केडिया, गृह विभाग, बिहार के विशेष सचिव, झारखंड के अपर पुलिस महानिरीक्षक(अभियान), सीआरपीएफ, बिहार के एडीजी, एसएसबी के महानिरीक्षक, मगध प्रमंडल के आयुक्त, मगध के डीअाइजी, हजारीबाग डीआइजी के साथ ही हजारीबाग के डीएम, एसएसपी शामिल हुए. इनके साथ ही गया के डीएम, एसएसपी व नवादा, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, रोहतास, चतरा के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए. बैठक में सीआरपीएफ 159 बटालियन के समादेष्टा, 205 कोबरा बटालियन व एसएसबी के पदाधिकारी भी शामिल हुए.
नक्सलियों पर लगाम के लिए बेहतर करेंगे तालमेल
नक्सलियों पर लगाम के लिए बेहतर करेंगे तालमेल फोटो- सनतबिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों पर लगाम लगाने व विकास योजनाओं को पूरा कराने पर हुआ मंथन गृह मंत्रालय के अपर सचिव ने बिहार-झारखंड व सीआरपीएफ के पदाधिकारियों के साथ की बैठक संवाददाता, गया बिहार व झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों की गतिविधियों पर […]
