गया: दस्तावेज नवीस व निबंधन विभाग में चल रहे विवाद के कारण जमीन रजिस्ट्री का काम लगभग बंद हो गया है. बंदी के कारण निबंधन विभाग को करीब 50 लाख रुपये प्रतिदिन का घाटा हो रहा है. जिला अवर निबंधक शुकुमार झा ने कहा कि दस्तावेज नवीसों के आंदोलन के कारण जिले में प्रतिदिन 50 […]
गया: दस्तावेज नवीस व निबंधन विभाग में चल रहे विवाद के कारण जमीन रजिस्ट्री का काम लगभग बंद हो गया है. बंदी के कारण निबंधन विभाग को करीब 50 लाख रुपये प्रतिदिन का घाटा हो रहा है. जिला अवर निबंधक शुकुमार झा ने कहा कि दस्तावेज नवीसों के आंदोलन के कारण जिले में प्रतिदिन 50 से 60 लाख रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है. श्री झा ने बताया कि गया में दो अप्रैल को 3,32,497 रुपये व चार अप्रैल को 10,18,591 रुपये मॉडल फॉर्मेट से रजिस्ट्री के दौरान निबंधन विभाग को राजस्व मिला है, जिसमें टिकारी में चार अप्रैल को पांच रजिस्ट्री की गयी है.
वहीं, पांच अप्रैल को गया में तीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश के आलोक में दस्तावेज नवीसों को निबंधन कार्यालय से जगह खाली कराने का आदेश आया है.
इसके लिए दस्तावेज नवीसों को नोटिस भेजा जा रहा है. इस संबंध में दस्तावेज नवीस संघ के सदस्यों ने कहा कि सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर बेरोजगार करने का काम कर रही है. गौरतलब है कि दस्तावेज नवीसों द्वारा दस्तावेज लेखकों के पेशा को बाधित करने का प्रयास करना बंद हो, पूर्ण निर्धारित पारिश्रमिक निर्धारित करने, प्रशिक्षु दस्तावेज लेखकों को बिना शर्त अनुज्ञप्ति जारी करने व दस्तावेज लेखकों के लिए शेड निर्माण कराने की मांग को लेकर दस्तावेज नवीस संघ के बैनर तले डीड राइटरों द्वारा आंदोलन किया जा रहा था.
आंदोलन के रूप में 30 व 31 मार्च को पूरे बिहार में डीड राइटरों द्वारा कलम बंद हड़ताल की गयी थी. हड़ताल अवधि में निबंधन कार्यालय से गायब रहने के लिए इन राइटरों से अवर निबंधक द्वारा दो अप्रैल को स्पष्टीकरण मांगा गया था. उसके बाद निबंधन महानिरीक्षक बिहार द्वारा चार अप्रैल को सभी डीड राइटरों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. पांच अप्रैल को भेजे गये जिला अवर निबंधक के पत्र में कहा गया है कि सभी डीड राइटरों के निबंधन कार्यालय में बैठने की जगह को खाली करायी जाये.