गया: जिला प्रशासन मैट्रिक की परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को रोक पाने में विफल साबित हो रहा है. हर रोज फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जा रहे हैं. बावजूद इसके, वे बेखौफ होकर परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. ऐसा ही कुछ मंगलवार को विज्ञान विषय की परीक्षा में देखा गया. 12 फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें एक छात्रा भी शामिल है.
नकल के आरोप में निष्कासित होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या मात्र तीन है. परीक्षा के पहले दिन 14, दूसरे दिन आठ व तीसरे दिन चार फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गये थे.
इस प्रकार अब 38 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जा चुके हैं. इनमें आठ लड़कियां व 30 लड़के शामिल हैं.उल्लेखनीय है कि फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठाने की परंपरा लंबे समय से चलती आ रही है. परीक्षार्थियों से मोटी रकम लेकर उनके स्थान पर फर्जी स्कॉलर को बैठाया जाता है. इसमें केंद्राधीक्षक से लेकर संबंधित अधिकारी भी संलिप्त होते हैं.
शायद यही कारण है कि चाह कर भी जिला प्रशासन फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ पाने में विफल हो जाता है. कुछेक फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ कर प्रशासनिक अधिकारी खुद अपनी पीठ थपथपा लेते हैं. जानकारों की मानें, तो मैट्रिक की परीक्षा में 25 फीसदी से अधिक फर्जी परीक्षार्थी बैठते हैं. अर्थात् 80 हजार में 20 हजार फर्जी परीक्षार्थी हैं. अब तक मात्र 38 पकड़े गये हैं. हर साल ऐसा ही होता है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी सह परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, विज्ञान विषय की पहली पाली की परीक्षा में सात परीक्षार्थी निष्कासित किये गये. इनमें पांच के फर्जी होने की पुष्टि की गयी है. इसी प्रकार दूसरी पाली में निष्कासित आठ परीक्षार्थियों में सात के फर्जी होने की पुष्टि हुई है. पहली पाली में एकमात्र फर्जी छात्रा एससी आवासीय स्कूल, गोपाल (शेरघाटी)से पकड़ी गयी. नवस्थापित जिला स्कूल व मारवाड़ी हाइस्कूल से दो-दो फर्जी छात्रा गिरफ्तार किये गये, जबकि कदाचार के आरोप में नवस्थापित जिला स्कूल व संजय सिंह यादव कॉलेज से एक-एक परीक्षार्थी निष्कासित हुए. दूसरी पाली में ज्ञापदीप पब्लिक स्कूल, केंदुई से छह व लालू मंडल कॉलेज से एक फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार किये गये.
नवस्थापित जिला स्कूल से एक परीक्षार्थी नकल करने के आरोप में निष्कासित हुआ. टिकारी प्रतिनिधि के अनुसार पहली पाली में 133 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाये गये. पहली पाली में 77 व दूसरी पाली में 56 परीक्षार्थी परीक्षा में भाग नहीं लिये.
