गरमी की शुरुआत में ही शहर के कई मुहल्लों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. अधिकारी ऑफिस में बैठ कर पानी की समस्या से निबटने का दावा करते हैं. लेकिन, शहर में वर्षों से गरमी के मौसम में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है. पाइप लिकेज व नल खराब होने के कारण हर दिन लाखों लीटर पानी बरबाद हो रहा है.
गया : गरमी से पहले ही शहर में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. कई मुहल्लों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, हालांकि कई जगहों पर लापरवाही के कारण प्रतिदिन लाखों लीटर पानी यों ही बह जाता है.
सड़क के किनारे लगे नल में टोटी नहीं होने के कारण दिन-रात पानी बेकार बहता रहता है. शहर की मंगलागौरी पहाड़ी पर बनी टंकी से पानी सप्लाइ के लिए बिछाये गये पाइप में भी लिकेज होने से पानी बरबाद होता रहता है.
अधिकारी लिकेज ठीक करने का दावा करते हैं, पर जमीनी सच्चाई कुछ और है. निगम द्वारा दंडीबाग, पंचायती अखाड़ा, सरस्वतीस्थान (बगलास्थान), कौआस्थान व स्टेशन के पास निगम के गोदाम के समीप नये सिरे से बोरिंग कराने की तैयारी की जा रही है. विभागीय अधिकारी मानते हैं कि यह काम जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा.
फल्गु नदी का लेयर भी जायेगा नीचे : विभागीय सूत्र का मानें, तो फल्गु का लेयर 32 फुट से पार कर गया है. जून-जुलाई में पानी का लेयर गिर कर 60 से 70 फुट तक जाने की संभावना है.
विभाग इसका सबसे बड़ा कारण इस वर्ष बारिश कम होना मान रहा है. किर्लोस्कर कंपनी के भाग जानेे के कारण शहर में इस साल समय से पहले से ही पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पीएचइडी द्वारा किर्लोस्कर कंपनी को घटिया कार्य करने के आरोप में ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है. इसके बाद किर्लोस्कर द्वारा किये गये कार्य का रख-रखाव करना पीएचइडी के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
20 मार्च तक पानी की समस्या दूर होगी
जिला प्रशासन द्वारा 20 मार्च तक दी गयी समय सीमा में पानी सप्लाइ की समस्या को दूर कर लिया जायेगा. एक नंबर पंप में लोरिंग कर नया मोटर डाल दिया गया है, जिसे जल्द चालू कर दिया जायेगा.
वहीं तीन नंबर पंप में काम लगा है. चार नंबर पंप के पुराने मोटर को तत्काल में चालू किया जायेगा. तीन नंबर पंप बन जाने के बाद ही दो व चार नंबर पंप में बोरिंग व मोटर बदलने का काम किया जायेगा.
प्रदीप कुमार, कनीय अभियंता (मैकेनिकल), पीएचइडी
