पृथ्वी व जल संरक्षण के लिए पूजा शुरू

पृथ्वी व जल संरक्षण के लिए पूजा शुरूफोटो- बोधगया 05- पूजा से पहले शोभायात्रा में शामिल भिक्षु व श्रद्धालु, 06- महाबोधि मंदिर में पूजा-प्रार्थना करते चीन के भिक्षु व श्रद्धालुचीन के भिक्षुओं के नेतृत्व में आयोजित की जा रही वाटरलैंड पूजाबोधिवृक्ष की छांव तले शुद्ध जल रख कर की जा रही पूजा-अर्चनासंवाददाता, बोधगयाचीन के बौद्ध […]

पृथ्वी व जल संरक्षण के लिए पूजा शुरूफोटो- बोधगया 05- पूजा से पहले शोभायात्रा में शामिल भिक्षु व श्रद्धालु, 06- महाबोधि मंदिर में पूजा-प्रार्थना करते चीन के भिक्षु व श्रद्धालुचीन के भिक्षुओं के नेतृत्व में आयोजित की जा रही वाटरलैंड पूजाबोधिवृक्ष की छांव तले शुद्ध जल रख कर की जा रही पूजा-अर्चनासंवाददाता, बोधगयाचीन के बौद्ध भिक्षुओं के नेतृत्व में विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर में वाटरलैंड पूजा शुरू की गयी. बोधिवृक्ष की छांव तले आयोजित पूजा में शुद्ध जल रखी गयी है और भिक्षुओं व श्रद्धालुओं द्वारा उसकी पूजा की जा रही है. इस संदर्भ में बताया गया कि पृथ्वी के साथ-साथ जल संरक्षण को लेकर पूजा का आयोजन किया जा रहा है. पृथ्वी पर रहनेवाले सभी जीवों व वनस्पतियों (पेड़-पौधे) को जीवित रहने के लिए पानी का होना आवश्यक है. इस कारण समय से बरसात के साथ ही पानी को प्रदूषण मुक्त रहने की कामना के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है. इंटरनेशनल वाटरलैंड बुद्धिस्ट सेरेमनी के नाम से आयोजित पूजा 30 नवंबर को समाप्त होगा. इस बीच स्थानीय चाइना मोनास्टरी से महाबोधि मंदिर तक भिक्षुओं व श्रद्धालुओं ने आकर्षक शोभायात्रा निकाली. चीन के भिक्षुओं व श्रद्धालुओं में महिला-पुरुष दोनों शामिल हैं व अन्य देशों के भिक्षुओं से अलग रंग व डिजाइन के चीवर धारण किये हुए हैं. पूजा का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है.

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