थाइलैंड के 20 किशोर ने महाबोधि मंदिर में ली दीक्षा

वे कितने दिनों तक बौद्ध भिक्षु की तरह जीवन व्यतीत करेंगे, यह उनकी मर्जी पर निर्भर करता है

फोटो- गया बोधगया 207- महाबोधि मंदिर में बोधिवृक्ष की छांव तले दीक्षा ग्रहण करते थाइलैंड के किशोर वरीय संवाददाता, बोधगया. बौद्ध परंपरा के मुताबिक सोमवार को महाबोधि मंदिर में बोधिवृक्ष की छांव तले थाईलैंड के 20 किशोर धम्म की दीक्षा ली. बोधगया स्थित रॉयल वट़् थाई मंदिर के मुख्य पुजारी ने थाइलैंड से आये बच्चों को दीक्षा दी व अब वे सभी बौद्ध मठों में प्रवास करते हएु बौद्ध भिक्षुओं की तरह जीवन यापन करेंगे. हालांकि, वे कितने दिनों तक बौद्ध भिक्षु की तरह जीवन व्यतीत करेंगे, यह उनकी मर्जी पर निर्भर करता है. इसके लिए समयावधि को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं होता है. ऐसी मान्यता है कि बौद्ध धर्म मानने वाले को जीवन में एक मर्तबा बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर बौद्ध भिक्षुओं की तरह जीवन यापन करना धार्मिक अनिवार्यता है. इसी का अनुपालन करते हुए ज्यादातर थाइलैंड के श्रद्धालु अल्प काल के लिए ही सही दीक्षा ग्रहण कर भिक्षुओं की तरह बौद्ध मठों में प्रवास करते हैं व आचरण और अनुशासन प्रस्तुत करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Kalendra pratap singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >