गया : स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, सिटी मैनेजर व कर्मचारी को कचरा निष्पादन व उससे जैविक खाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें प्रदेश के करीब 40 नगर निकायों के नगर प्रबंधक व कर्मचारी भाग ले रहे हैं. इस अभियान को दो चरण में 20-20 नगर निकायों को बांटा गया है.
पहला चरण 26 अक्तूबर को समाप्त होगा, तो दूसरा चरण 29 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक चलेगा. गुरुवार को गया नगर निगम की विकास शाखा में वार्डों के कचरे से बनायी जा रही जैविक खाद की प्रक्रिया व कीट को देखा गया. साथ ही कचरा छंटनी की प्रक्रिया को देखा. एमआईयू के टीम लीडर व सदस्यों ने कचरा प्रबंधन के तरीके को बताया.
बताया जाता है कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (दिल्ली) के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ सर्वेक्षण 2019, स्टार रेटिंग फॉर गार्बेज फ्री सिटी, ओडीएफ प्लस के बारे में जानकारी दी जा रही है. इस दौरान दिल्ली की एनआईयूए की टीम से कौस्तुभ परिहार, सोनाली, प्रतीक सिंह, निमिश जैन, पूजा मोइत्रा मौजूद थे.
इसके अलावा सफाई प्रभारी दिनकर प्रसाद, सिटी मैनेजर विष्णु प्रभाकर आदि मौजूद थे. गौरतलब है कि टीम के सामने बेहतर प्रस्तुति देने के लिए सुबह से निगम के कर्मचारी व अधिकारी विकास शाखा में जुटे हुए थे. मालूम हो कि गया में तीन माह पहले से ही वार्ड के गीले कचरे से जैविक खाद बनाने का काम शुरू किया गया है. अब तक निगम द्वारा खाद को बाजार में नहीं उतारा गया है. लेकिन, इसकी तैयारी में अधिकारी जुटे हुए हैं.
यह है प्रशिक्षण कार्यक्रम
पहले चरण में 24 से 26 अक्तूबर तक बिहार शरीफ, हिलसा, राजगीर, इस्लामपुर, सिलाव, सासाराम, डालमियानगर, नासरीगंज, कोचस, जगदीशपुर, बिहियां, बक्सर, डुमरांव, भभुआ, मोहनियां, मोतिहारी, बेतिया, हाजीपुर, महनार तथा बेगूसराय नगर निकायों के प्रतिनिधियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. दूसरे चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बिहटा, बखरी, मुंगेर, जमालपुर, लखीसराय, बड़हिया, जमुई, झाझा, शेखपुरा, खगड़िया, औरंगाबाद, व बांका नगर व अन्य निकायों के प्रतिनिधियों को ठोस कचरा प्रबंधन व जैविक खाद के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाना है.
