ईश्वर चौधरी हत्याकांड : चार आरोपित साक्ष्य के अभाव में बरी
गया: पूर्व सांसद ईश्वर चौधरी हत्याकांड के पांच में से चार आरोपितों को तदर्थ एडीजे-पांच अनिल कुमार सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. इसमें 85 वर्षीय यदु दुसाध, 65 वषीय दर्शनी साव, 65 वर्षीय राम प्रवेश यादव व 55 वर्षीय रामाशीष यादव शामिल हैं. ये लोग वर्ष 2003 से जमानत […]
गया: पूर्व सांसद ईश्वर चौधरी हत्याकांड के पांच में से चार आरोपितों को तदर्थ एडीजे-पांच अनिल कुमार सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. इसमें 85 वर्षीय यदु दुसाध, 65 वषीय दर्शनी साव, 65 वर्षीय राम प्रवेश यादव व 55 वर्षीय रामाशीष यादव शामिल हैं. ये लोग वर्ष 2003 से जमानत पर थे. इस हत्याकांड में आरोपित कोंच थाने क्षेत्र के महेश कहार की मौत हो गयी है.
अदालत के इस फैसले के बाद अब सवाल उठना शुरू हो गया है कि आखिर पूर्व सांसद की हत्या किसने की. क्या हत्यारा इस कांड की छानबीन में जुटे पुलिस अधिकारियों से ज्यादा चतुर निकला? तीन-तीन बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके ईश्वर चौधरी की हत्या के बाद यह मामला काफी गरमाया था. गया पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं. पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार, इस हत्याकांड के 36 गवाह थे. पुलिस ने सात गवाह कोर्ट में पेश किये, जो अपने बयान से मुकर गये. शेष 29 गवाहों को पुलिस आज तक कोर्ट में पेश करने में असक्षम साबित हुई.
सक्रिय हुई पुलिस : शनिवार की शाम एसएसपी निशांत कुमार तिवारी ने ‘प्रभात खबर’ को बताया कि पूर्व सांसद ईश्वर चौधरी हत्याकांड में कोर्ट द्वारा दिये गये फैसले की कॉपी उन्होंने नहीं पढ़ी है. लेकिन, यह मामला गंभीर है. रविवार को हत्याकांड से संबंधित सभी दस्तावेज का अध्ययन कर ठोस कदम उठाया जायेगा. फैसले के विरुद्ध हाइकोर्ट में अपील के सवाल पर एसएसपी ने बताया कि विशेषज्ञों की राय ली जायेगी. उसके बाद ही कोई कदम उठाया जायेगा.
पुलिस ने नहीं दिखायी दिलचस्पी!
कोर्ट सूत्र के अनुसार, पुलिस ने पूर्व सांसद हत्याकांड को लेकर गंभीर नहीं थी. अगर पुलिस के वरीय अधिकारी दिलचस्पी दिखाये होते, तो आज इस हत्याकांड के आरोपित जेल में होते. इसका एक उदाहरण देखें. इस मामले में गवाहों को कोर्ट में पेश करने के लिए तदर्थ एडीजे पांच ने 14 मई 2013 को गया के एसएसपी को पत्र भेजा. इन गवाहों में कोंच स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर महेश प्रसाद सिंह, मगध मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर एमएन सिंह और कोंच थाने क्षेत्र के शोभा सिन्हा, धर्मेद्र कुमार, श्यामा देवी, राजीव कुमार व देवानंद पासवान का नाम शामिल था. लेकिन, पुलिस इन गवाहों को कोर्ट में पेश नहीं कर सकी. इससे पहले 24 जुलाई 2010 को तदर्थ एडीजे पांच ने गवाहों को कोर्ट में पेश करने के लिए डीजीपी को भी पत्र भेजा था.
ऐसे हुई थी हत्या
15 मई 1991 को लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान पूर्व सांसद ईश्वर चौधरी को कोंच थाने क्षेत्र के कराय मोड़ के पास कुछ लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी और उनकी जीप (बीएचएम-6582) में आग लगा दी थी. इस मामले में कोंच थाने के जैतिया गांव के रहनेवाले भगवान सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
