गया से हरीबंश कुमार व अमिताभ रंजन की रिपोर्ट
Gaya Ji News : गया जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत देवगांव-साधुनगर में 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एमएसएमई (MSME) टेक्नोलॉजी सेंटर के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के औद्योगिक विकास, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और आधारभूत संरचना को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाते हुए बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बनाया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि एक ही दिन में बिहार को तीन बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिलना ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि खिजरसराय में एमएसएमइ टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी. उनका सपना था कि बिहार औद्योगिक रूप से मजबूत बने और देश में अपनी पहचान स्थापित करे. यह एमएसएमइ टेक्नोलॉजी सेंटर बिहार के विकास और उद्योग की नयी इबारत लिखेगा. उन्होंने कहा कि जो लोग बिहार से बाहर गये हैं, वे अब वापस आयें और सुंदर व समृद्ध बिहार बनाने में अपना योगदान दें.
एमएसएमइ से 46 लाख नये उद्योग जुड़े, 1.87 करोड़ को मिला रोजगार
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जब यह विभाग केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पास आया था, तब बिहार में मात्र छह लाख लोग एमएसएमइ से जुड़े थे. वर्ष 2022 से 2026 के बीच राज्य में 46 लाख नये उद्योग जुड़े हैं और 1.87 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश में जीएसटी (GST) लागू करने का काम किया. जब भी कोई व्यक्ति कोई सामान खरीदता है, तो उसका देश की इकॉनोमी में योगदान होता है, जो पांच व 18 प्रतिशत टैक्स देते हैं. लेकिन पूर्ववर्ती यूपीए (UPA) सरकार में साढे 29 प्रतिशत टैक्स लगता था और बिहार जैसे गरीब प्रदेश को इसका लाभ नहीं दिया जाता था.
बिजली व सड़क निर्माण क्रांति से बदली बिहार की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बिजली क्षेत्र की प्रगति पर कहा कि वर्ष 2005 में बिहार में केवल 17 लाख बिजली कनेक्शन थे, जबकि आज 2.22 करोड़ लोगों तक नये कनेक्शन के तहत बिजली पहुंच चुकी है. राज्य सरकार उपभोक्ताओं को 23 हजार करोड़ रुपये की भारी सब्सिडी देकर देश की सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है. उन्होंने बताया कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के बाद अब प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरों में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जायेगा. इसमें 125 यूनिट के बाद जैसे ही 126वां यूनिट सोलर से उत्पादित होकर आपके घर में आयेगा, सरकार उसके पैसे देगी. जितना ज्यादा बिजली सोलर से उत्पादित होगी, उतने पैसे बिहार सरकार आपके खाते में भेजेगी.
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और 20 घंटे काम का संकल्प
मुख्यमंत्री ने सुशासन का भरोसा देते हुए कहा, “मैं बिहार की जनता को आश्वस्त करता हूं कि बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने जो काम बढ़ाया है, उसे तेजी से पूरा करूंगा. जब तक उद्योग व प्रशासनिक व्यवस्था को ठीक नहीं करेंगे, तब तक ये व्यवस्था नहीं बदल सकती.”
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन के लोगों को मैंने स्पष्ट कह दिया है कि अब सोने का वक्त खत्म हो गया है क्योंकि दूसरे राज्यों की तुलना में जो 15 साल का गैप हो गया है, उसे पूरा करना है. इस गैप को पूरा करने के लिए बिहार में लोगों को 24 घंटे में से 20 घंटे काम करना पड़ेगा. इसलिए मैंने कहा है कि न सोना है और न ही किसी को सोने देना है क्योंकि बिहार को बदलना है. बिहार तभी बदलेगा जब भ्रष्टाचार खत्म होगा, और भ्रष्टाचार तभी खत्म होगा जब हम मोदी जी की बात ‘न खायेंगे और न खाने देंगे’ के संकल्प को मानेंगे.
पुलिस को अपराधियों से निपटने के लिए खुली छूट
कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार ने ट्रिपल “सी” (Triple C) के तहत क्राइम, कम्युनलिज्म व करप्शन का मामला पूरी तरह समाप्त करने का निर्देश दिया है. यह तभी समाप्त होगा, जब हमारी सरकार जागकर काम करेगी. इसलिए अपराधी जब भी पुलिस को चुनौती देता है, तो ही मैं पुलिस के आला अधिकारियों को फोन करता हूं, वैसे मैं किसी की पैरवी नहीं करता हूं. लेकिन जब कहीं पर पुलिस को कोई चैलेंज करता है, तो मैं फोन कर कहता हूं कि इसका जवाब 48 घंटे में दीजिए.
सुशासन तभी होगा जब अपराधी का पिंडदान गया जी में होते रहे या वे गया जी की जेल में बंद हों. वैसे भी 80 से 90 प्रतिशत अपराधी बिहार छोड़कर भाग गये हैं, नहीं तो आप एड्रेस बताते रहिये, उनका इलाज बिहार की पुलिस खुद करेगी.
लोगों की समस्याओं का 10 से 30 दिन में होगा समाधान
उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए बताया कि 16 से 18 जून तक ‘सहयोग कार्यक्रम’ आयोजित होगा, जिसके तहत एक दिन पंचायत में और दो दिन प्रखंड में शिविर लगेंगे. इसमें प्राप्त आवेदनों पर अगर 10 दिन में काम नहीं किया गया, तो संबंधित कर्मी को पहला नोटिस दिया जायेगा. 20 दिन में काम नहीं करने पर 21वें दिन दूसरा नोटिस और 25 दिन में काम नहीं होने पर तीसरा नोटिस दिया जायेगा. यदि 30 दिनों के भीतर भी काम नहीं हुआ, तो कर्मी को नोटिस नहीं बल्कि सीधे सस्पेंड (निलंबित) करने का काम किया जायेगा. सरकार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है.
उद्योग लगाने वालों को 31वें दिन स्वतः मिलेगा परमिट
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश को सुगम बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि पहले उद्योग लगाने के लिए विभिन्न विभागों से अनुमति लेने में छह महीने तक का समय लग जाता था. अब इस व्यवस्था को बदलते हुए नियम बनाया गया है कि आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर यदि विभाग से स्वीकृति नहीं मिलती है, तो 31वें दिन स्वतः (ऑटोमैटिक) परमिट जारी कर दिया जायेगा. इससे बिहार में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर तेजी से सृजित होंगे.
महिलाओं, पेंशनधारियों और शिक्षा के लिए बड़ी घोषणाएं
सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि सभी पेंशनधारियों के खातों में हर महीने की 10 तारीख को पेंशन राशि अनिवार्य रूप से भेज दी जायेगी. उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 1.88 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जा चुका है और 20 लाख से अधिक महिलाओं को दूसरी किस्त देने की तैयारी चल रही है. सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जिस दिन गृहमंत्री अमित शाह बिहार आयेंगे, उस दिन शेष बची हुई बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये और जो अच्छा काम कर चुकी हैं, उनके खाते में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर करने का काम किया जायेगा.
बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे नेता और अफसर के बच्चे
शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का खाका खींचते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के स्कूलों के लिए बेहतर काम करना है. राज्य के जिस भी प्रखंड में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां डिग्री कॉलेज बनाये जा रहे हैं, जिनकी कुल संख्या 211 है. इसके साथ ही सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल के रूप में “सरस्वती विद्यापीठ” की स्थापना की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि इस मॉडल स्कूल में तब तक मेरा सपना पूरा नहीं होगा, जब तक उस स्कूल में राजनेताओं और अफसरों के बच्चे नहीं पढ़ेंगे. हमें सरकारी स्कूलों को उस स्तर तक लेकर जाना है. वहां हमारे गरीब बच्चे रात के आठ बजे तक नीट (NEET) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग कर सकें, ऐसी व्यवस्था की जा रही है ताकि आने वाले दिनों में सारे प्राइवेट कोचिंग बंद हो जायें और सरकारी स्कूल ही चलते रहें.
फल्गु में आयेगा सोन का पानी और गया में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
धार्मिक और खेल जगत के लिए बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सीता ने फल्गु नदी को श्राप दिया था, जिससे वह अंतःसलिला हो गईं. मैं भगवान राम का भक्त हूं और उनके वंशज लव-कुश की परंपरा से आता हूं. इसलिए सोन नदी का पानी इंद्रपुरी जलाशय से फल्गु नदी में लाने का काम हर हाल में किया जायेगा. इसके लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड राज्यों के साथ समझौता भी किया गया है.
खेल के बुनियादी ढांचे पर उन्होंने कहा कि हम खेल स्टेडियम बनाने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने के लिए 30-35 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है, लेकिन बिहार सरकार इसके लिए खिजरसराय में 40 एकड़ जमीन देने की घोषणा करती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बने, यह सपना मैं हर हाल में पूरा करूंगा और जिन चीजों के लिए खिजरसराय तरसता रहा है, उसे पूरा किया जायेगा.
टेक्नोलॉजी सेंटर से 15 किमी का क्षेत्र बनेगा एजुकेशन का हब: जीतन राम मांझी
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यहाँ से युवा-युवतियों को टेक्निकल ज्ञान देकर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार युक्त बनाया जायेगा, जिसकी आज के समय में काफी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जब मैंने पूर्व में यहाँ टेक्नोलॉजी सेंटर के निर्माण की बात कही थी, तो लोग हंसते थे कि इस जंगली इलाके में लोग कैसे आयेंगे. लेकिन जिला प्रशासन के अथक परिश्रम ने आज मेरी बात को सत्य साबित कर दिया है.
अतरी विधानसभा क्षेत्र पिछले 40 वर्षों से दूसरों के हाथ में गिरवी रखा था, जहां विकास का कोई काम नहीं होता था. मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया था कि मैं अतरी विधानसभा क्षेत्र में ही जन्मा हूं और आठ बार विधायक रहने के बावजूद मैंने अतरी के लिए कुछ नहीं किया है. मैं नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने अतरी सीट हमारी पार्टी ‘हम (सेक्युलर)’ के कोटे में दी.
सात हजार युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे
यह टेक्नोलॉजी सेंटर बिहार ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संस्था साबित होगा, जहां सालाना सात हजार युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. मैं इसे गया शहर में भी बनवा सकता था, लेकिन मैं इस योजना को विशेष रूप से अतरी लेकर आया. जमीन जिले के अन्य प्रखंडों में नहीं मिल रही थी, लेकिन यहां आसानी से 20 एकड़ जमीन मिल गई. जीतन राम मांझी ने भावुक होते हुए कहा कि मेरी उम्र 82 वर्ष हो गई है और मैं जीवन के अंतिम चरण में हूं. मैं 75 वर्ष की उम्र में ही राजनीति से संन्यास लेना चाहता था, लेकिन नीतीश कुमार ने इमामगंज से दोबारा चुनाव लड़वा दिया.
फल्गु में पानी लाने का किया जा रहा प्रयास
उन्होंने फल्गु नदी पर कहा कि निरंजना और मुहाने नदी के मिलने से फल्गु नदी बनी है, जो सीताजी के श्राप से अंतःसलिला (सूखी) रहती है. जिस प्रकार भगीरथ धरती पर गंगा को लाये थे, वैसे ही मैं भी इसे सततसलिला (हमेशा पानी से भरी) बनाना चाहता हूं. नीति आयोग की बैठक से पहले हुई समीक्षा बैठक में निरंजना और फल्गु में पानी लाने का प्रयास किया जा रहा है. अगर घोड़ाघाट से हंटरगंज तक 50 किलोमीटर तक सफाई हो जाये, तो फल्गु में पानी आ जायेगा. बाण सागर परियोजना के तहत 75 फीसदी पानी बिहार को मिलना था. सोन नहर के पानी से एक उप-नहर निकालकर घोड़ाघाट के समीप पानी गिराया जाये और बिथो के समीप बांध बनाकर सिंचाई का कार्य किया जाये.
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले 10 वर्षों में यह 15 किलोमीटर का पूरा क्षेत्र एक बड़े ‘एजुकेशनल हब’ के रूप में बदल जायेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि यहाँ उपलब्ध कुल 80 एकड़ भूमि में से 20 एकड़ में टेक्नोलॉजी सेंटर बना है, शेष बचे 60 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कराया जाये.
बिहार के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का नया केंद्र बनेगा टेक्नोलॉजी सेंटर: डॉ. प्रेम कुमार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी केंद्र केवल गया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के औद्योगिक व आर्थिक विकास का एक नया अध्याय साबित होगा. उन्होंने बताया कि इस केंद्र में प्रतिवर्ष 7,000 से अधिक युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जायेगा और 1,000 से अधिक एमएसएमइ इकाइयों को आधुनिक तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.
उन्होंने जोर देकर कहा कि एमएसएमइ क्षेत्र ही रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की असली आधारशिला है. अत्याधुनिक मशीनों और उन्नत उपकरणों से लैस यह केंद्र युवाओं को उद्योगों की तात्कालिक जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करेगा तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देगा. यह परियोजना गया, नवादा, जहानाबाद और औरंगाबाद सहित पूरे मगध प्रमंडल के युवाओं के लिए वरदान सिद्ध होगी और बिहार के औद्योगिकीकरण को नयी गति देगी. बिहार में एनडीए (NDA) सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
अतरी विकास व विश्वास के साथ आगे बढ़ेगा: रोमित कुमार
एमएसएमइ टेक्नोलॉजी सेंटर के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्थानीय अतरी विधायक रोमित कुमार ने कहा कि बिहार तो जंगलराज से बहुत पहले ही बाहर आ गया था, लेकिन हमारा अतरी क्षेत्र इस विधानसभा चुनाव में जंगलराज से बाहर आया है. यह पूरा इलाका मुख्य रूप से कृषकों (किसानों) का क्षेत्र है, इसलिए यहाँ ‘बिथो बांध’ के निर्माण की अत्यंत आवश्यकता है. क्षेत्र की कई पइन (पारंपरिक सिंचाई नहरें) वर्तमान में निष्क्रिय हो चुकी हैं, जिन्हें तुरंत दुरुस्त करने की जरूरत है. उन्होंने मांग की कि जेठियन और गहलौर घाटी को पर्यटन क्षेत्र के रूप में तेजी से विकसित किया जाये.
बिहार के सभी प्रमंडलों में जल्द होगा टेक्नोलॉजी सेंटर का निर्माण: श्रेयसी सिंह
कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार की उद्योग व खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि इस टेक्नोलॉजी सेंटर के बनने से क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी आधुनिक टूल किट के माध्यम से अपने जीवन और व्यवसाय का नए तरीके से विकास कर सकेंगे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हमेशा बिहार के चौमुखी विकास के लिए चिंतित रहते हैं. उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जिस तरह का अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर आज यहाँ खुल रहा है, जल्द ही बिहार के सभी प्रमंडलों में भी ऐसे ही टेक्नोलॉजी सेंटरों का निर्माण कराया जायेगा ताकि राज्य के एमएसएमई से जुड़े सभी उद्यमियों को इसका सीधा लाभ मिल सके.
एमएसएमइ देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़: विजय कुमार सिन्हा
बिहार के कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है. एमएसएमइ सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है. बिहार में लघु और सीमांत किसानों की संख्या लगभग 94 फीसदी है, ऐसे में एमएसएमइ इन किसान परिवारों के लिए रोजगार सृजन का सबसे बड़ा साधन बनेगा. यह केंद्र युवाओं को कौशल विकास का अवसर प्रदान कर उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के काबिल बनायेगा. युवाओं के लिए यह पहल एक बेहतर और सकारात्मक वातावरण का संदेश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार से विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से पूरा होगा.
बिहार सहित आसपास के पड़ोसी राज्यों के लोग भी होंगे लाभान्वित
शिलान्यास कार्यक्रम को तकनीकी रूप से संबोधित करते हुए एमएसएमइ विभाग के अपर मुख्य सचिव रजनीश कुमार ने बताया कि 170 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनने वाले इस टेक्नोलॉजी सेंटर में 86 करोड़ रुपये की लागत से सिविल एरिया का निर्माण होगा, जबकि शेष 84 करोड़ रुपये की लागत से हॉस्टल, ट्रेनिंग ब्लॉक व अन्य जरूरी संरचनाओं का निर्माण कराया जायेगा. इससे बिहार सहित आसपास के पड़ोसी राज्यों के लोग भी लाभान्वित होंगे.
10 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी
वहीं विभाग के सचिव भरत खेड़ा ने कहा कि इस सेंटर के माध्यम से एक वर्ष के अंदर सात हजार युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और प्रतिवर्ष एक हजार एमएसएमइ उद्योगकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचेगा. बिहार की स्किल्ड वर्कफोर्स (कुशल कार्यबल) आज पूरे देश में दिखाई देती है और यहां औद्योगिकीकरण की संभावना सर्वाधिक है. इस केंद्र में बड़े एवं छोटे दोनों प्रकार के उद्योगों को शामिल किया जायेगा. उन्होंने जानकारी दी कि पिछले तीन सालों में सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी दी है, जिससे बिहार में एमएसएमई सेक्टर छह लाख की संख्या से बढ़कर आज 47 लाख के पार पहुंच गया है.
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