3 साल की पीड़ा का अंत, फोर्ड हॉस्पिटल में जटिल हार्ट सर्जरी, मरीज हुआ स्वस्थ

Ford Hospital: वैशाली निवासी 40 वर्षीय ओम प्रकाश पिछले तीन वर्षों से पेट दर्द, भूख न लगना और पेशाब में दिक्कत से जूझ रहे थे. इसके बाद फोर्ड हॉस्पिटल के सीटीवीएस सर्जन डॉ. मनमोहन ने विस्तृत जांच के बाद जटिल हृदय सर्जरी की. ऑपरेशन के दौरान खराब एओर्टिक वाल्व को बदला गया, वीएसडी की मरम्मत की गई और आरएसओवी की रिपेयर की गई.

Ford Hospital: वैशाली निवासी 40 वर्षीय ओम प्रकाश (बदला हुआ नाम) पिछले तीन वर्षों से पेट में दर्द, भूख न लगने और पेशाब में दिक्कत की समस्या से जूझ थे. उन्हें आशंका थी कि यह पेट या लीवर की समस्या है. वह बार-बार अल्ट्रासाउंड कराते रहे और इन्हीं बीमारियों की दवा लेते रहे. समस्या बढ़ने पर उन्होंने स्थानीय डॉक्टर से परामर्श ली, जिसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए एम्स, पटना रेफर किया गया. यहां टू-डी इको जांच में हृदय में गंभीर असामान्यता का पता चला. जांच में सामने आया कि उनके हृदय के एओर्टिक वाल्व में खराबी थी, जिसके कारण वाल्व ठीक से बंद नहीं हो पा रहा था और रक्त वापस हृदय के दाहिने कक्ष में जा रहा था.

जटिल बीमारी से मिली राहत

इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में रप्चर्ड साइनस ऑफ वाल्साल्वा (आरएसओवी) कहा जाता है. इसके साथ ही मरीज के हृदय में वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) भी पाया गया. लंबे समय तक रोग की समस्या रहने के कारण हृदय की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो चुकी थी. फोर्ड हॉस्पिटल के सीटीवीएस सर्जन डॉ. मनमोहन ने विस्तृत जांच के बाद जटिल हृदय सर्जरी की. ऑपरेशन के दौरान खराब एओर्टिक वाल्व को बदला गया, वीएसडी की मरम्मत की गई तथा आरएसओवी की रिपेयर की गई.

अस्पताल के डॉक्टर ने क्या कहा

अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी काफी संतोषजनक रही. ऑपरेशन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. वर्तमान में मरीज स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि यह सफल सर्जरी फोर्ड हॉस्पिटल की उन्नत चिकित्सा सुविधा और अनुभवी टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. डॉ. मनमोहन ने बताया कि ऐसी स्थिति में मरीजों को हृदय संबंधी समस्या का आभास नहीं हो पाता, लेकिन इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए.

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Published by: Pritish Sahay

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