Bihar: कहीं कैंसर ना निकल जाए, इसलिए जांच कराने से हिचक रहे लोग.. भागलपुर के एक गांव में मचा है हड़कंप

बिहार के भागलपुर जिले में एक गांव ऐसा है जो कैंसर जैसी घातक और जानलेवा बीमारी की मार से बेहाल है. यहां कैंसर के कई संदिग्ध मिले हैं और पूर्व में कई संदिग्ध मौतें भी हुई है. पटना से दिल्ली तक सरकार इस पहेली को सुलझाने में लगी है. वहीं जांच तक कराने से लोग यहां हिचकते हैं.

Bihar News: भागलपुर जिले के एक गांव में कैंसर को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. इन दिनों सबौर प्रखंड के सुल्तानपुर भिट्ठी में कैंसर रोगियों की पहचान के लिए कैंसर स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया है. शिविर का आयोजन 10 दिसंबर तक होगा. यह निर्णय राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के निर्देश के बाद लिया गया है. कैंसर रोग के प्रति जागरूकता शिविर सह कैंसर स्क्रीनिंग शिविर में जांच शुरू हुई तो ग्रामीण इसके लिए आगे आने से हिचकते दिखे. वैसे पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने आगे आकर जांच कराया.

कैंसर की मार से बेहाल सुल्तानपुर भिट्ठी गांव

भागलपुर जिला के सबौर प्रखंड अंतर्गत खानकित्ता पंचायत का एक गांव है सुल्तानपुर भिट्ठी. इस गांव में कैंसर के कई रोगियों के मिलने की बात जब सामने आई तो पूरे गांव में ही हड़कंप मचा हुआ है. ग्रामीणों की मानें तो बीते तीन साल में दस लोग यहां कैंसर से अपनी जान गंवा चुके हैं. कैंसर की आशंका जहां दहशत बनाए हुई है वहीं अभी इसकी मजबूत वजह सामने नहीं आ सकी है कि आखिर इस गांव में कैंसर की ये हवा कैसे फैली है. कुछ लोगों का मानना है कि इस गांव में लंबे समय तक शराब की भट्ठियां चलती थी. इसके अवशेष से गांव का भूजल प्रदूषित हो गया है.

भय से जांच नहीं करा रहे लोग

गांव के ही एक शिक्षक ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को इसे लेकर चिट्ठी लिखी थी. प्रधानाध्यापक सुनील कुमार के पिता की मौत भी गॉल ब्लाडर के कैंसर के कारण हुई थी. उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंसर स्क्रीनिंग में कई लोगों के संदिग्ध होने का पता चला है. पर अभी भी कई लोग बीमारी को छुपा रहे हैं. वो इस भय से जांच नहीं करा रहे कि जांच में कहीं कैंसर की पुष्टि नहीं हो जाए.

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ओरल कैंसर के संदिग्ध मरीज मिले

बता दें कि अभी जांच शिविर लगा है. मंगलवार को 59 लोगों की कैंसर जांच हुई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 14 लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण देखने को मिले हैं. जिनका अगले तीन महीने तक फॉलोअप लिया जाएगा. ये ओरल कैंसर के संदिग्ध मरीज हैं. अगर इन संदिग्ध मरीजों ने अभी से सावधानी बरती तो आगे ये ठीक हो सकेंगे नहीं तो कुछ सालों के बाद ये ओरल कैंसर के मरीज बन सकते हैं.

10 दिसंबर तक जांच शिविर

सुल्तानपुर भिट्ठी गांव में मंगलवार को जांच कराने के लिए माइकिंग तक करायी गयी थी. आशा कार्यकर्ता और गांव के प्रधान लोगों से घर-घर जाकर आग्रह कर रहे थे लेकिन उस तरह लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई जैसी होनी चाहिए थी. हालाकि अभी 10 दिसंबर तक जांच शिविर लगा रहेगा.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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