बिहार में लेट ऑफिस आने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं, कटेगा आकस्मिक अवकाश

बिहार में देर से ऑफिस आने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी. लेट आने पर उनके खिलाफ एक्शन होगा. इसको लेकर बिहार सरकार के सभी विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों में बायोमीटरिक हाजिरी को लेकर राज्य सरकार सख्त हो गयी है.

पटना. बिहार में देर से ऑफिस आने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी. लेट आने पर उनके खिलाफ एक्शन होगा. इसको लेकर बिहार सरकार के सभी विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों में बायोमीटरिक हाजिरी को लेकर राज्य सरकार सख्त हो गयी है. राज्य सरकार ने पहले ही प्रखंड, जिला, प्रमंडल और मुख्यालय स्तर के सभी ऑफिस के कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने समय का पालन करें. लेट ऑफिस आने वाले कर्मचारियों की आधे दिन की छुट्टी काट ली जाएगी.

एक महीने में अधिकतम दो दिन विलंब से उपस्थित मान्य

निर्देश के बावजूद कई विभागों व कार्यालयों में निर्धारित समय पर बायोमीटरिक हाजिरी नहीं बनाये जाने की सूचना पर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ बी राजेन्दर ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है. उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थिति में पूर्वानुमति प्राप्त करने वाले पदाधिकारी-कर्मचारी को एक महीने में अधिकतम दो दिन विलंब से उपस्थित होने की छूट दी जायेगी. यदि कोई पदाधिकारी-कर्मी बिना अनुमति कार्यालय में निर्धारित समय से एक घंटे बाद उपस्थिति दर्ज करता है, तो उनकी आकस्मिक छुट्टी से आधे दिन की छुट्टी काट ली जायेगी.

बार-बार विलंब से उपस्थिति दर्ज होने पर कटेगा सीएल

कोई पदाधिकारी-कर्मी यदि बार-बार विलंब से उपस्थिति दर्ज कराते हैं, तो ऐसी परिस्थिति में सक्षम प्राधिकार उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करेगा. इतना ही नहीं, अगर कोई कर्मचारी लगातार लेट ऑफिस आएंगे तो संबंधित सक्षम प्राधिकार उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करेंगे. हालांकि जारी किये गए दिशा निर्देश में ये बात भी कही गई है कि किसी इमरजेंसी की स्थिति में सक्षम प्राधिकार से पहले परमिशन लेकर कोई भी कर्मचारी या पदाधिकारी महीने में अधिकतम दो दिन लेट ऑफिस आ सकते हैं.

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