जमुई में डूबने की घटनाओं पर सरकार सख्त, गरही डैम समेत खतरनाक घाटों पर लगेगा चेतावनी बोर्ड

Drowning Alert : मानसून और त्योहारों के मौसम में डूबने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने जमुई में हाई अलर्ट जारी किया है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं.

जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट

Drowning Alert : जमुई जिले में वर्षा ऋतु के दौरान डूबने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने हाई अलर्ट एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, मोहल्ला समितियों और आम लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. गरही डैम, पनभरवा रेत घाट समेत अन्य संवेदनशील जल स्रोतों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और बचाव व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा.

खतरनाक जल स्रोतों की होगी पहचान

आपदा प्रबंधन विभाग ने निर्देश दिया है कि गांव, टोले और मोहल्लों के आसपास मौजूद गहरे तालाब, आहर, पोखर, नदी घाट और जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाए. इन स्थानों पर खतरे से आगाह करने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि लोग अनजाने में वहां न जाएं.

बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा जारी किया गया सूचना

विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को किसी भी जल स्रोत के पास अकेले न जाने दें. विशेष रूप से जितिया, छठ और अन्य पर्वों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. पिछले वर्षों में गरही क्षेत्र, खैरा, सोनो और अन्य इलाकों में कई बच्चे और युवा डूबने की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं.

रेस्क्यू टीम और जागरूकता अभियान होंगे तेज

Drowning Alert : जमुई सहित सभी संवेदनशील जिलों में स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने और रेस्क्यू उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन को जरूरत पड़ने पर त्वरित बचाव अभियान चलाने के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है. गरही डैम, पनभरवा रेत घाट और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी.

आपात स्थिति में तुरंत करें संपर्क

किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में लोग राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं. विभाग ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में अनावश्यक रूप से गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. विभाग का संदेश है कि सतर्कता और जागरूकता ही डूबने जैसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है.

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Author: Pintu Pranav

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