दरभंगा DMCH की पुरानी OPD बनी तालाब, मरीज बेहाल

DMCH Darbhanga: दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पुरानी ओपीडी में बारिश का पानी घुसने से मरीजों को भारी परेशानी हुई. जलजमाव के बीच भी 3100 मरीजों ने इलाज कराया, जबकि मेन ओपीडी में 2500 से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ.

दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

DMCH Darbhanga: लगातार हो रही बारिश का असर दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) की पुरानी ओपीडी पर भी दिखा. सोमवार को बारिश का पानी ओपीडी भवन में घुस गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जलजमाव के बावजूद इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे.

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पानी के बीच ओपीडी पहुंचे मरीज

बारिश के कारण पुरानी ओपीडी भवन के गलियारों और आसपास के हिस्सों में पानी भर गया. मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच होकर चिकित्सकों तक पहुंचना पड़ा.

सबसे अधिक परेशानी महिला मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को हुई. कई परिजन अपने मरीजों को पानी से बचाते हुए ओपीडी तक ले जाते नजर आए.

पुराने ओपीडी में घुसा बारिश का पानी

3100 मरीजों ने कराया इलाज

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सोमवार को विभिन्न विभागों की ओपीडी में करीब 3100 मरीजों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया.

इनमें मेन ओपीडी में 2500 से अधिक मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराकर विभिन्न विभागों में इलाज कराया.

इमरजेंसी और सुपरस्पेशलिटी में भी रही भीड़

बारिश के बावजूद डीएमसीएच की इमरजेंसी सेवा सामान्य रूप से संचालित होती रही.

शाम पांच बजे तक करीब 200 मरीजों का इमरजेंसी में इलाज किया गया. वहीं सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में 100 से अधिक मरीजों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया.

गायनी विभाग में भी 100 से अधिक महिलाएं इलाज के लिए पहुंचीं. हालांकि जलजमाव के कारण उन्हें अस्पताल परिसर में आने-जाने में काफी परेशानी हुई.

कुछ विभागों में डॉक्टर देर से पहुंचे

जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कुछ विभागों में डॉक्टर निर्धारित समय से देर से पहुंचे. इससे मरीजों और उनके परिजनों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा.

हालांकि अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जलजमाव के बावजूद सभी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं.

स्थायी समाधान की मांग

मरीजों और परिजनों ने पुरानी ओपीडी परिसर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि हर बारिश में जलजमाव की समस्या से इलाज के लिए आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है.

बताया गया कि कुछ घंटों बाद परिसर से पानी निकल गया. इसके बावजूद लोगों ने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता बताई.

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Published by: Aaruni Thakur

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