जिला परिषद कार्यालय के बाहर जिप सदस्यों का धरना, विकास योजनाओं में देरी पर जताया विरोध

जिला परिषद सदस्यों ने प्रशासनिक अराजकता और विकास योजनाओं में ठहराव को लेकर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया. 100 करोड़ से अधिक की राशि के बावजूद विकास कार्य शुरू न होने से नाराज सदस्यों ने एक सप्ताह में समाधान न होने पर तालाबंदी की चेतावनी दी है.

Darbhanga News: जिला परिषद परिसर में गुरुवार को जिला परिषद सदस्यों ने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय के समक्ष सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया. सदस्यों ने जिला परिषद में प्रशासनिक अराजकता, विकास योजनाओं में ठहराव और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर नाराजगी जताई.

विकास योजनाओं में देरी का आरोप

धरने के दौरान जिप सदस्य धीरेंद्र मिश्र ने कहा कि जिला परिषद के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद विकास योजनाएं शुरू नहीं की जा रही हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि 23 जून और 6 जुलाई को हुई बैठकों की कार्यवाही पंजी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है, जो पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है.

एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो तालाबंदी

जिला परिषद सदस्य स्वतंत्र कुमार झा उर्फ सागर नवदिया ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही पंजी उपलब्ध नहीं कराई गई और विकास योजनाओं का बंटवारा शुरू नहीं हुआ, तो जिला परिषद कार्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी.

जिला परिषद अध्यक्ष ने दिया आश्वासन

धरना स्थल पर पहुंचीं जिला परिषद अध्यक्ष रेणु देवी ने सदस्यों की शिकायतों के समाधान का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह सदस्यों के हित में संघर्ष करने से भी पीछे नहीं हटेंगी.

धरना-प्रदर्शन में हरिमोहन यादव, दिलीप यादव, धीरज झा, अमित ठाकुर, संजय चौपाल, हबीबुल्लाह हासमी, सियाराम मांझी, फूल बाबू लालदेव, अंकित आजाद, सुमित कुमार सहित कई जिला परिषद सदस्य उपस्थित रहे.


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लेखक के बारे में

Author: Raj kumar ranjan

Published by: Sarfaraz Ahmad

राज कुमार रंजन दो दशक से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राष्ट्रीय समाचार पत्रों में काम कर चुके रंजन प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्रों में गहरी पैठ रखते हैं.

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