Darbhanga News: महिला से अवैध संबंध में की गयी बलिया के युवक की हत्या, तीन गिरफ्तार
Darbhanga News:थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले युवक के शव के मामले की पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है.
Darbhanga News: बिरौल. थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले युवक के शव के मामले की पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि बिरौल थाना कांड 19/26 प्राथमिकी दर्ज की गयी है. राजेंद्र की हत्या एक महिला से अवैध संबंध को लेकर किये जाने का खुलासा हुआ है. इस बावत एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मृतक की मां मुन्नी देवी के फर्द बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया गया. अनुसंधान के दौरान सामने आया कि अवैध संबंध को लेकर युवक और आरोपितों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. 06 जनवरी की रात बजरंग चौक पर शराब पार्टी के दौरान नशे की हालत में पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई. इसी दौरान अमरजीत मलिक ने धारदार हथियार से राजेंद्र डोम के पेट पर वार किया. इसके बाद अरुण मलिक और कुशेश्वर मलिक ने उसका मुंह और गला दबाकर सड़क के नीचे ले जाकर दोबारा चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. मालूम हो की 07 जनवरी को सुबह एसएच-17 पर ग्राम सोनपुर और बलरा के बीच सड़क के नीचे एक अज्ञात शव पड़े होने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही बिरौल थानाध्यक्ष चन्द्रमणि पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया था. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया. एसडीपीओ ने बताया कि अभियुक्त से पूछताछ के दौरान अरुण मलिक ने बताया कि वह अल्लाह रूदल का नाच कार्यक्रम करने के लिए समस्तीपुर जिला के सिंघिया थाना क्षेत्र के राजघाट गया हुआ था, इसी दौरान राजेन्द्र डोम उसके घर पहुंचा और उसकी पत्नी फुलदाय देवी से कहा कि भुस्कोल में मेला लगा है, चलो देखने चलते हैं. इस पर फुलदाय देवी ने अपने पति अरुण मलिक से मेला देखने जाने की अनुमति मांगी. अरुण ने अनुमति दे दी, क्योंकि राजेन्द्र डोम उसका मामा लगता था. दोनों का रिश्ता मामा-भांजी का था. फुलदाय देवी और राजेन्द्र डोम मेला देखने गए, जहां उनकी मुलाकात उमेश मलिक से हुई. मेला के दौरान तीनों के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गये. इस अवैध संबंध की जानकारी तरुण मलिक एवं मंतोष मलिक के माध्यम से अरुण मलिक को मिली. इसके बाद अरुण मलिक द्वारा इस विषय को लेकर राजेन्द्र डोम एवं उमेश मलिक से पूछताछ की गई. उक्त घटना के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव उत्पन्न हो गया, जो धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गया. एसडीपीओ ने बताया कि उनके नेतृत्व में थानाध्यक्ष तथा अनुसंधानक एसआइ मुन्नी कुमारी और तकनीकी अनुसंधान की मदद से तीनों आरोपितों बड़गांव थाना क्षेत्र के गनौनी निवासी अरुण मलिक, बजरंग चौक परसरमा निवासी अमरजीत मलिक व गनौनी परसरमा निवासी कुशेश्वर मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान आरोपित अमरजीत मलिक के घर से घटना में प्रयुक्त खून लगा धारदार चाकू बरामद किया गया. वहीं अमरजीत और कुशेश्वर द्वारा घटना के समय पहने गए शर्ट पर खून के धब्बे पाए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया है. उन्होंने बताया हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन 112 पुलिस वाहन को आता देखकर तीनों आरोपी फरार हो गए. फिलहाल तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है. मामले में आगे की जांच की जा रही है.
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