Darbhanga News: दरभंगा. मअ रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में पोथीघर फाउण्डेशन एवं मअ रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में द्वादश व्याख्यानमाला का मिथिलामे जल जैविक सम्पदाक समुचित उपयोग विषयक व्याख्यान सेवानिवृत प्रधानाचार्य प्रो. विद्यानाथ झा ने दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मअ रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ दिनेश झा ने किया. व्याख्यान देते हुए प्रो. झा ने मिथिला के जलीय जैविक एवं वानस्पतिक विविधताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि मिथिला की संस्कृति जल-जैविक आधारित है, इसीलिए उचित जल प्रबंधन के बिना यहां विकास होना संभव नहीं है. कहा कि मखान खाद्य पदार्थ के साथ-साथ औषधि भी है. यह फैटलेस एवं एंटीऑक्सीडेंट होने के साथ ही पोषण से भरपूर एक सुपरफूड है. मखान एक संपूर्ण पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जो हड्डियों, हृदय, पाचन तंत्र और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद है. अध्यक्षीय भाषण में डॉ दिनेश झा ने कहा कि आज की स्थिति में कम बारिश के पानी से भी बाढ़ सी स्थिति हो जाती है. कार्यक्रम का संचालन आशुतोष मिश्र व धन्यवाद ज्ञापन फाउण्डेशन के सचिव आनंद मोहन झा ने किया. मौके पर डॉ अवनींद्र कुमार झा, वैद्य गणपति नाथ झा, हीरेंद्र झा, नारायणजी चौधरी, कृष्ण कुमार, मोदनाथ मिश्र, शाश्वत मिश्र, गुड़िया झा, मुरारी कुमार झा आदि मौजूद थे.
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