Minor Girls Rescue: बाल मजदूरी के लिए समस्तीपुर जिले से लाई गईं दो नाबालिग बच्चियां प्रताड़ना से परेशान होकर व्यवसायी के घर से भाग निकलीं. बिरौल पुलिस ने दोनों बच्चियों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के साथ ही मामले के आरोपित सुपौल बाजार हाटगाछी वार्ड-3 निवासी अरुण सहनी को गिरफ्तार कर लिया है.
मास्टर चौक पर मिलीं दोनों बच्चियां
थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब चार बजे मास्टर चौक पर ड्यूटी में तैनात चौकीदार रंजीत पासवान और दीपू यादव को दो नाबालिग बच्चियां संदिग्ध अवस्था में घूमती मिलीं. पूछताछ में दोनों ने खुद को समस्तीपुर जिले का निवासी बताया.
बच्चियों ने पुलिस को बताया कि एक सप्ताह पहले अरुण सहनी उन्हें मखाना भूनने और फोड़ने के काम के लिए अपने साथ लाया था.
प्रताड़ना से तंग आकर घर से भागीं
बच्चियों के अनुसार, उन्हें काम नहीं मिला और प्रताड़ित किया जा रहा था. इससे परेशान होकर वे रात के समय वहां से भाग निकलीं.
सूचना मिलने पर गश्ती दल के साथ पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने दोनों बच्चियों को अपनी अभिरक्षा में लिया और उनकी निशानदेही पर अरुण सहनी को उसके घर से हिरासत में लिया.
बाल श्रम अधिनियम के तहत केस दर्ज
पुलिस पूछताछ में अरुण सहनी ने स्वीकार किया कि वह दोनों बच्चियों को मजदूरी के लिए लेकर आया था.
थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपित के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. दोनों बच्चियों के परिजनों को सूचना दे दी गई है तथा उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. गिरफ्तार आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
