Darbhanga New: छठ पर्व पर घर-घर गुंजने लगी मिथिला की पारंपरिक गीत लगनी
Darbhanga New:लोक आस्था का महापर्व छठ आधुनिकीकरण की दौर में दब चुके कई पौराणिक परंपरा को भी जीवंत कर देता है.
By PRABHAT KUMAR | Updated at :
Darbhanga New: बेनीपुर. लोक आस्था का महापर्व छठ आधुनिकीकरण की दौर में दब चुके कई पौराणिक परंपरा को भी जीवंत कर देता है. छठ पर्व को लेकर रविवार को साल भर से मौन पड़े जांता चक्की की आवाज के साथ साथ ननद-भौजाई के संग मिथिला की पारंपरिक गीत लगनी घर-घर गुंजने लगी. ग्रामीण क्षेत्र में आज भी ऐसी परंपरा है कि छठ पर्व में मशीन से पीसे आंटा से बने पकवान से भगवान भास्कर को अर्घ्य नहीं दिया जाता है. इसलिए महिला श्रद्धालु स्वयं परंपरानुसार जांता में गेंहू व चावल पीसती हैं. इसे लेकर खरना दिन घर-घर में चल रही जांता की आवाज व उस दौरान गाने वाली चर्चित लगनी गीतों से गुंजायमान होता रहा.
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