Darbhanga News: श्रीराम के चरित के अनुपालन से ही रामराज्य की परिकल्पना हो सकती साकार

Darbhanga News: रामराज्य की संकल्पना एवं प्रासंगिकता रामायण काल से वर्तमान तक विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आन एवं ऑफ लाइन दोनों मोड में हुई.

Darbhanga News: दरभंगा. एमकेएस कॉलेज चंदौना में रामराज्य की संकल्पना एवं प्रासंगिकता रामायण काल से वर्तमान तक विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आन एवं ऑफ लाइन दोनों मोड में हुई. अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ रविन्द्रनाथ तिवारी ने की. नगर विकास एवं भवन निर्माण मंत्री जीवेश कुमार ने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना तब ही संभव हो पायेगी, जब जन जन द्वारा राम के चरित्र का अनुपालन किया जायेगा. संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये प्रधानाचार्य ने मंत्री को भवनों की कमी से अवगत कराया गया. कॉलेज में पीजी स्तरीय अध्ययन शुरू कराने का अनुरोध किया. मंत्री ने कहा कि वे इसके लिये प्रयास करेंगे. आयोजन सचिव मुकेश कुमार ने रिपोर्ट प्रस्तुत किया. धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ ममता पांडेय ने किया. संगोष्ठी में त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमाडु नेपाल की प्रो. संजिता वर्मा, डीएवी विश्वविद्यालय कानपुर उत्तर प्रदेश के प्रो. विनोद कुमार पांडेय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति प्रो. परमेन्द्र कुमार वाजपेयी आदि ने भाग लिया. प्रथम तकनीकी सत्र सीटीसी कॉलेज रक्सौल के प्रो. राजकिशोर सिंह की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें 25 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये. प्रो. विनोद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में सम्पन्न द्वितीय सत्र में 14 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये. अंतिम तकनीकी सत्र बीआरएबीएयू मुज्जफरपुर के डॉ उज्जवल आलोक की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 31 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये. कार्यक्रम में डॉ विनय कुमार, डॉ लालबाबू सहनी, डॉ बबीता कुमारी, डॉ खुशबु कुमारी, डॉ ओमप्रकाश प्रभाकर, डॉ तस्लीम, डॉ आफताब आलम, डॉ ज्योतिन्द्र कुमार, डॉ इरशाद आलम, डॉ मनीष यादव आदि शामिल हुय.

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By PRABHAT KUMAR

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