संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह: कुलपति बोले- विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक निभाएं भूमिका

दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित, कुलपति ने शिक्षकों को छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर देने को कहा।

शिक्षक सम्मान समारोह: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर गरिमामयी शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के तीन सेवानिवृत्त प्राध्यापकों सहित करीब दो दर्जन कार्यरत शिक्षकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और शैक्षणिक योगदान के लिए अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं होता, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करना ही उनका असली धर्म है. शिक्षकों को चाहिए कि वे विद्यार्थियों को सुचरित्र और सही मार्ग पर चलने की निरंतर सीख दें.

कर्तव्यों को आत्मसात कर आदर्श बनें शिक्षक: विधायक

समारोह के मुख्य अतिथि बेनीपुर विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु समाज का मार्गदर्शक होता है. उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया.

  • शिक्षकों को सबसे पहले अपने कर्तव्यों को आत्मसात करना होगा, तभी वे छात्रों के लिए सच्चे रोल मॉडल बन सकेंगे.
  • महज कक्षा का संचालन करने से शिक्षक का गहरा प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि अनुशासन, उन्नत विचार और कर्तव्यनिष्ठा भी अनिवार्य है.
  • समाज निर्माण में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है और उन्हें नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाना चाहिए.

संस्कृत को प्रारंभिक कक्षाओं से पढ़ाने की वकालत

विशिष्ट अतिथि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुख्य प्रबंधक तिलकनाथ झा ने संस्कृत भाषा के संरक्षण और विस्तार पर जोर देते हुए इसे स्कूली स्तर की प्रारंभिक कक्षाओं से अनिवार्य रूप से शुरू करने की वकालत की. विश्वविद्यालय कैम्पस स्थित एसबीआई शाखा की प्रबंधक सुनीति ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है और इसका अध्ययन प्रत्येक नागरिक को करना चाहिए.

दो दर्जन से अधिक शिक्षक हुए सम्मानित

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. निशिकांत ने बताया कि समारोह में डॉ. अमरनाथ मिश्र, डॉ. विनोद पांडेय, डॉ. श्रवण कुमार चौधरी सहित लगभग दो दर्जन वरिष्ठ व युवा शिक्षकों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर भारी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

ये भी पढ़ें: दरभंगा के केवटी में मेला देखने गए छात्र की संदिग्ध मौत: परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pravin kumar chou

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >