Darbhanga Snake Bite: सर्पदंश से मृत शेरपुर नारायण पंचायत के श्रीरामपुर निवासी वार्ड सदस्य रंजीत मुखिया के 12 वर्षीय पुत्र संदीप मुखिया का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचते ही परिजनों का चीत्कार फूट पड़ा. शव पहुंचने के बाद गांव में मातम पसर गया. संदीप की सोमवार को सर्पदंश से मौत हो गयी थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा था.
सांप ने दो भाइयों को बनाया शिकार
जानकारी के अनुसार, संदीप मुखिया और उसके छोटे भाई अंदीप मुखिया को जहरीले सांप ने डंस लिया था. सर्पदंश के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी. इलाज के लिए दोनों को अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार, दोनों भाइयों को विषैले सांप ने डंसा था.
इलाज के दौरान संदीप की मौत हो गयी, जबकि उसका छोटा भाई अंदीप मुखिया अभी भी इलाजरत है. संदीप का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचने पर परिजनों की हालत खराब हो गयी. घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है.
आपदा प्रबंधन और वन विभाग से मिलेगी सहायता
बीडीओ प्रीति कुमारी ने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा. पूर्व प्रमुख सह स्थानीय ग्रामीण बलराम सिंह ने कहा कि परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही वन विभाग की ओर से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के अनुसार मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग से समन्वय किया जाएगा.
पीएचसी में उपलब्ध है एंटी स्नेक वायल
तारडीह पीएचसी प्रभारी डॉ सुमंत कुमार सिंह ने बताया कि पीएचसी तारडीह में एंटी स्नेक वायल उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.
उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाये तत्काल चिकित्सा परामर्श लें. झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद करने से इलाज में देरी हो सकती है. समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है.
समय पर इलाज से बच सकती है जान
चिकित्सकों के अनुसार, सर्पदंश के बाद मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए. किसी तरह के घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है. तारडीह पीएचसी में एंटी स्नेक वायल उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लोगों से तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है.
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