Darbhanga News: अनुमंडलीय अस्पताल बिरौल में प्रसव सेवा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं. सुपौल बाजार से प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिला को कुछ घंटे भर्ती रखने के बाद डीएमसीएच रेफर कर दिया गया. आर्थिक तंगी के कारण परिजन मरीज को डीएमसीएच नहीं ले जा सके और वापस घर लौट आए. इसके बाद स्थानीय महिला की मदद से घर पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया.
Biraul News: इलाज के बजाय रेफर करने का आरोप
परिजनों के अनुसार 23 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिला को अनुमंडलीय अस्पताल बिरौल लाया गया था. अस्पताल में कुछ घंटे तक सामान्य उपचार के बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने यहां पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और मरीज की स्थिति गंभीर बताते हुए डीएमसीएच रेफर कर दिया. इसके बाद रेफर पर्ची काटकर परिजनों को भेज दिया गया.
आर्थिक तंगी के कारण घर लौटे परिजन
पीड़ित परिवार ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे डीएमसीएच नहीं जा सके. मजबूरी में गर्भवती महिला को वापस घर ले आए. इसके बाद स्थानीय ग्रामीण महिला, जिन्हें लोग 'ममता दीदी' के नाम से जानते हैं, ने घर पर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया. नवजात के जन्म के बाद उसके नहीं रोने पर परिजन उसे सुपौल के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ. बाद में नवजात को घर ले आया गया.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल में 24 घंटे प्रसव सेवा, चिकित्सक, स्टाफ, दवाएं और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं. इसके बावजूद सामान्य प्रसव के मामलों में भी मरीजों को रेफर किया जा रहा है. लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के बजाय पहले रेफर करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जिससे गरीब परिवारों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है.
जांच का दिया गया आश्वासन
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि यदि इस संबंध में शिकायत मिली है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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