Darbhanga News: डीएमसीएच परिसर स्थित सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित कैथलैब मशीन वर्षों तक उपयोग के अभाव में पड़ी रहने के कारण अब खराब हो गई है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार मशीन के अंदर चूहों के घुस जाने से उसके तार और अन्य तकनीकी हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और महंगे चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वर्षों से बंद रहने का खामियाजा भुगत रहे मरीज
सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के बावजूद कैथलैब मशीन शुरू नहीं हो सकी. इसके कारण हार्ट अटैक और अन्य गंभीर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को आज भी पटना और दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है. समय पर उपचार नहीं मिलने से मरीजों को आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मशीन को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू
अस्पताल प्रशासन ने मशीन खराब होने की सूचना संबंधित कंपनी को दे दी है. कंपनी के इंजीनियर मशीन का निरीक्षण कर तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे. रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि मशीन की मरम्मत संभव है या नहीं तथा इसे दोबारा चालू करने में कितना समय लगेगा.
मशीन चालू होने से मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कैथलैब मशीन चालू होने पर दरभंगा समेत पूरे मिथिलांचल के हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी. अस्पताल में ही एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को दूसरे शहर रेफर करने की जरूरत काफी हद तक समाप्त हो जाएगी.
अधीक्षक ने क्या कहा
डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि कैथलैब मशीन को दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है. संबंधित कंपनी को सूचित कर दिया गया है. मशीन ठीक हो जाने पर हार्ट अटैक के मरीजों का स्थानीय स्तर पर ही उपचार संभव हो सकेगा.
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