कमतौल में बिजली के तार ने ली दो कौवों की जान, मौत के बाद घंटों गुल रही पूरे फीडर की बिजली

बारिश और आंधी-तूफान के अलावा अब पक्षियों की मौत बिजली आपूर्ति में बाधा बनने लगी है. कमतौल में नंगे बिजली के तार पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं, जिससे घंटों बिजली गुल रहती है.

Darbhanga News: कमतौल. बिजली आपूर्ति बाधित होने की एक और वजह सामने आयी है. बारिश, आंधी-तूफान और पेड़-पौधों के तार पर गिरने से बिजली गुल होने की घटनाएं तो होती ही हैं, अब पक्षियों के करेंट की चपेट में आने से भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने लगी है. गुरुवार सुबह 11 केवी लाइन पर दो कौवे मृत अवस्था में तार से लटके मिले. करेंट लगने से दोनों की मौत हो गयी, जिसके बाद संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति काफी देर तक बाधित रही.

11 केवी लाइन पर मृत मिले दो कौवे

गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर 11 केवी बिजली लाइन पर पड़ी, जहां दो कौवे मृत अवस्था में तार से लटके हुए थे. बताया गया कि करेंट की चपेट में आने से दोनों पक्षियों की मौत हुई. घटना के बाद संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी और उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा.

नंगे तारों से पक्षियों को बना रहता है खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार आबादी वाले क्षेत्रों में कई जगह बिजली के नंगे तार और पोल पर पर्याप्त सुरक्षा कवर नहीं हैं. ऐसे में कौवे और दूसरे पक्षी तारों के संपर्क में आने पर करेंट की चपेट में आ जाते हैं. इससे पक्षियों की जान जाने के साथ बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती है.

शॉर्ट-सर्किट से कई बार जल जाता है ट्रांसफार्मर

ग्रामीणों ने बताया कि पक्षियों के तार के संपर्क में आने से कई बार शॉर्ट-सर्किट की स्थिति बन जाती है. इसका असर बिजली आपूर्ति पर पड़ता है और कभी-कभी ट्रांसफार्मर भी जल जाता है. इससे बिजली विभाग को नुकसान होने के साथ उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट झेलना पड़ता है.

आबादी वाले इलाकों में एबी केबल लगाने की मांग

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से आबादी वाले क्षेत्रों में नंगे तारों की जगह एबी केबल लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे बिजली तारों के संपर्क में आने वाले पक्षियों की संख्या कम होगी और शॉर्ट-सर्किट की घटनाओं पर भी रोक लग सकती है.

पोल पर बर्ड गार्ड लगाने की उठी मांग

ग्रामीणों ने बिजली पोल पर बर्ड गार्ड लगाने की भी मांग की है. इससे पक्षियों को तार और पोल के खतरनाक हिस्सों से दूर रखने में मदद मिल सकती है. ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा उपाय अपनाने से पक्षियों की जान बचाने के साथ उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

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By Shivendra kumar shar

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