Darbhanga News: मदर एंड चाइल्ड हेल्थ में नवजात को नहीं किया जाता भर्ती, उपाधीक्षक ने जतायी नाराजगी

Darbhanga News:शनिवार की सुबह करीब 11 बजे डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने एमसीएच बिल्डिंग का निरीक्षण किया. इस दौरान किसी भी नवजात को भर्ती नहीं किए जाने की स्थिति सामने आने पर उन्होंने संबंधित चिकित्सक पर कड़ा एतराज जताया.

By PRABHAT KUMAR | January 10, 2026 10:47 PM

Darbhanga News: दरभंगा. डीएमसीएच परिसर स्थित मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) बिल्डिंग में नवजात शिशुओं को भर्ती नहीं लेने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन सख्त हो गया है. शनिवार की सुबह करीब 11 बजे डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने एमसीएच बिल्डिंग का निरीक्षण किया. इस दौरान किसी भी नवजात को भर्ती नहीं किए जाने की स्थिति सामने आने पर उन्होंने संबंधित चिकित्सक पर कड़ा एतराज जताया. स्पष्ट निर्देश दिया कि जरूरतमंद नवजातों का एमसीएच में ही भर्ती कर उपचार किया जाए. विदित हो कि एमसीएच में मां व बच्चे की समुचित इलाज की व्यवस्था की गयी है, इसे लेकर चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ड्यूटी लगायी गयी है, लेकिन विभागीय निर्देश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है.

बच्चों को भेज दिया जाता शिशु विभाग

उपाधीक्षक ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों से कहा गया कि एमसीएच में वेंटिलेटर युक्त पांच बेड नवजात शिशुओं के लिए निर्धारित हैं. इन बेडों का उद्देश्य आपात या आवश्यकता की स्थिति में नवजातों को तुरंत भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जा सके. बेड भर जाने के बाद ही मरीजों को ही शिशु विभाग भेजें. इसके बावजूद सभी नवजातों को सीधे शिशु विभाग भेज देना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है. उन्होंने निर्देश दिया कि इन पांच बेडों पर तत्काल प्रभाव से नवजातों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाए. उपाधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि भविष्य में एमसीएच में उपलब्ध सुविधा के बावजूद नवजातों को भर्ती नहीं किया गया, तो संबंधित चिकित्सक और कर्मियों पर कार्रवाई तय है. उन्होंने यह भी कहा कि एमसीएच का उद्देश्य मां और नवजात दोनों को एक ही स्थान पर बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि अनावश्यक रेफरल और भागदौड़ से बचा जा सके.

कहते हैं उपाधीक्षक

एमसीएच में बच्चों को भर्ती नहीं कर शिशु विभाग भेजने की शिकायत मिल रही थी. चिकित्सकों को पांच बेड पर नवजात को भर्ती कर समुचित चिकित्सा करने का निर्देश दिया गया है. विभागीय निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर सख्त कदम उठाये जायेंगे.

– डॉ सुरेंद्र कुमार, उपाधीक्षक

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