नई टाउनशिप पर सस्पेंस बरकरार, 8 रैयतों ने दिया आवेदन, भू-माफिया भी हुए सक्रिय

दरभंगा में प्रस्तावित नई टाउनशिप योजना धीमी गति से आगे बढ़ रही है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी के कारण भू-मालिकों में असमंजस की स्थिति है. इस बीच, भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं और जमीन मालिकों को बहला-फुसलाकर एग्रीमेंट करने का प्रयास कर रहे हैं.

Darbhanga New Township: नगर विकास एवं आवास विभाग की महत्वाकांक्षी नई टाउनशिप योजना फिलहाल धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होने के कारण जमीन बेचने के इच्छुक रैयत असमंजस में हैं. इस बीच बिहार आवास बोर्ड के दरभंगा प्रमंडल कार्यालय को तीन दिनों में आठ भूमि मालिकों से आवेदन प्राप्त हुए हैं.

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तीन दिनों में मिले आठ आवेदन

आवास बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय कार्यालय में अब तक आठ रैयतों ने अपनी जमीन सरकार को बेचने के लिए आवेदन दिया है. हालांकि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं होने के कारण सभी आवेदनों को जांच और अंतिम निर्णय के लिए पटना मुख्यालय भेज दिया गया है.

रसलपुर सहिला से सबसे ज्यादा आवेदन

प्राप्त आठ आवेदनों में सात आवेदन सदर प्रखंड और एक आवेदन केवटी प्रखंड से आया है.

सबसे अधिक पांच आवेदन रसलपुर सहिला मौजा के भूमि मालिकों की ओर से मिले हैं. मुख्यालय स्तर पर यह जांच की जाएगी कि संबंधित जमीन प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्र के मानकों और सीमाओं के अनुरूप है या नहीं.

स्पष्ट नीति नहीं, भू-माफिया हो रहे सक्रिय

योजना की घोषणा के करीब दो महीने बाद भी विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं होने का फायदा भू-माफिया उठा रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण कुछ भू-माफिया जमीन मालिकों को बहला-फुसलाकर या कम कीमत का लालच देकर जमीन का एग्रीमेंट अपने नाम कराने की कोशिश कर रहे हैं.

वहीं, प्रस्तावित क्षेत्र में खरीद-बिक्री पर लगी आंशिक रोक से सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ रहा है. इसके बावजूद कुछ जगहों पर अवैध निर्माण जारी रहने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.

नगर निगम सीमा के बाहर विकसित होगी टाउनशिप

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नई टाउनशिप का विकास वर्तमान नगर निगम क्षेत्र से बाहर किया जाएगा.

इसलिए रैयतों से प्राप्त आवेदनों की उसी आधार पर जांच की जा रही है, ताकि उपयुक्त और विवादमुक्त भूमि का चयन किया जा सके.

क्या बोले अधिकारी?

आवास बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि विभाग के निर्देश के अनुसार ही रैयतों से आवेदन लिए जा रहे हैं. स्थानीय कार्यालय केवल आवेदन प्राप्त कर उन्हें पटना मुख्यालय भेज रहा है. अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर मैपिंग और तकनीकी जांच के बाद ही लिया जाएगा.

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By Satish kumar

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