Darbhanga News: भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने सेंट्रल सीआरएस (Civil Registration System) पोर्टल के माध्यम से पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों की डिजिटल कॉपी जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
फर्जी प्रमाणपत्रों की शिकायत के बाद जारी हुए निर्देश
डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल एके पांडेय ने सभी मुख्य रजिस्ट्रारों को भेजे पत्र में कहा है कि कुछ मामलों में यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी साझा किए जाने के कारण फर्जी अथवा अनधिकृत डिजिटल प्रमाणपत्र जारी होने की शिकायतें मिली हैं.
अब दो स्तर पर होगी जांच
नए निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों में संबंधित रजिस्ट्रार को आवेदक द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा. साथ ही जन्म या मृत्यु रजिस्टर के संबंधित पृष्ठ की स्कैन कॉपी भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी.
इसके बाद आवेदन जिला रजिस्ट्रार को भेजा जाएगा. जिला रजिस्ट्रार के अनिवार्य ई-हस्ताक्षर से मंजूरी मिलने के बाद ही संबंधित रजिस्ट्रार डिजिटल प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे.
ऑफलाइन आवेदन पर भी लागू होंगे नए नियम
कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन प्राप्त आवेदनों के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि सभी मामलों में एक समान और सुरक्षित व्यवस्था लागू हो सके.
साइबर सुरक्षा नियमों के पालन के निर्देश
मुख्य रजिस्ट्रारों को निर्देश दिया गया है कि कर्मचारियों के यूजर क्रेडेंशियल पूरी तरह गोपनीय रखें और किसी के साथ साझा न करें. साथ ही ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण तथा साइबर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए.
मंत्रालय के अनुसार इन उपायों से डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और ट्रैसेबल होगी तथा सिस्टम के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लग सकेगी.
