ML Academy Darbhanga: जिले के ऐतिहासिक एमएल एकेडमी, लहेरियासराय में शनिवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. विद्यालय में एक हजार से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन कार्यक्रम में महज चार अभिभावकों के पहुंचने से आयोजन की तैयारी और अभिभावकों तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए.
विद्यालय परिसर में आयोजित संगोष्ठी में विद्यार्थियों की पढ़ाई, उपस्थिति, अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर शिक्षक और अभिभावकों के बीच चर्चा होनी थी. हालांकि, बेहद कम संख्या में अभिभावकों के पहुंचने के कारण कार्यक्रम औपचारिकता तक सिमटता नजर आया. कार्यक्रम की तस्वीरों में भी कई कुर्सियां और टेबल खाली नजर आये.
अभिभावकों ने सूचना नहीं देने का लगाया आरोप
कार्यक्रम में पहुंचे अभिभावकों ने आरोप लगाया कि संगोष्ठी की पूर्व सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गयी थी. उनका कहना था कि यदि विद्यालय की ओर से पहले जानकारी दी जाती और अभिभावकों से समुचित संपर्क किया जाता, तो बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते थे.
अभिभावकों ने इसे खानापूर्ति बताते हुए कहा कि केवल औपचारिक आयोजन से विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित नहीं हो सकता.
तैयारी और सूचना तंत्र पर उठे सवाल
एमएल एकेडमी जैसे पुराने और प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षक-अभिभावक संवाद को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों के बीच केवल चार अभिभावकों की उपस्थिति ने आयोजन की तैयारी और सूचना तंत्र पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
