दरभंगा: मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान में संरक्षित ऐतिहासिक पांडुलिपियों के डिजिटलाइजेशन का कार्य जल्द शुरू होगा. डीएम कौशल कुमार ने संस्थान का निरीक्षण कर डिजिटलाइजेशन के लिए स्थापित की जा रही मशीन के इंस्टॉलेशन कार्य का जायजा लिया. उन्होंने सभी पांडुलिपियों का सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मूल स्वरूप और सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान
डीएम ने कहा कि पांडुलिपियां समृद्ध ज्ञान, संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत की महत्वपूर्ण धरोहर हैं. डिजिटलाइजेशन के दौरान उनके मूल स्वरूप और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए.
उन्होंने तकनीकी दक्षता और पूरी सावधानी के साथ डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा करने पर जोर दिया, ताकि संरक्षित पांडुलिपियों को सुरक्षित रखते हुए उनका उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके.
निर्माणाधीन भवनों का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माणाधीन बालक छात्रावास, प्रशासनिक भवन, गेस्ट हाउस समेत अन्य आधारभूत संरचनाओं का भी जायजा लिया.
उन्होंने संस्थान की जरूरत और उपयोगिता के अनुरूप निर्माण कार्यों को बेहतर ढंग से विकसित करने का निर्देश दिया.
मौके पर सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, डीईओ विद्यानंद ठाकुर, शोध संस्थान के निदेशक एवं संबंधित अभियंता मौजूद थे.
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