सर्पदंश मौत दरभंगा: जिले के बिरौल थाना क्षेत्र स्थित आथर गांव में शुक्रवार की रात एक बेहद दर्दनाक हादसा पेश आया. घर में जमीन पर सोए 28 वर्षीय धर्मेंद्र मांझी को जहरीले सांप ने डस लिया. गंभीर हालत में शनिवार सुबह दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. धर्मेंद्र की असामयिक मौत से गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे आथर गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है.
जमीन पर सोने के दौरान डसा, सुबह बिगड़ी तबीयत
पड़ोसी मनोज मांझी के अनुसार शुक्रवार रात धर्मेंद्र अपने घर में जमीन पर सोया हुआ था. रात के किसी पहर विषैले सांप ने उसे डस लिया, लेकिन शुरुआत में इसका सही आभास नहीं हो सका.
- शनिवार सुबह करीब 7 बजे पैर में तेज जलन और सूजन बढ़ने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई.
- परिजन आनन-फानन में धर्मेंद्र को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी बहेड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे.
- हालत गंभीर देखते हुए बहेड़ी के चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद तत्काल डीएमसीएच रेफर कर दिया.
- डीएमसीएच में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन सुबह करीब 10 बजे उसने दम तोड़ दिया.
परिवार का इकलौता सहारा था धर्मेंद्र, मुआवजे की उठी मांग
मृतक पलटन मांझी का तीसरा पुत्र था. वह दिन-रात मजदूरी कर अपनी पत्नी पूनम देवी, दो अबोध मासूम बच्चों, बुजुर्ग मां शोभा देवी और वृद्ध पिता का भरण-पोषण करता था. पोस्टमार्टम के बाद देर शाम जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों की चीत्कार से माहौल बेहद गमगीन हो गया. बिलखती पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल था.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुखिया राधा मोहन चौधरी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे. मुखिया ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि निर्धन परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य अब दुनिया में नहीं रहा. उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत मृतक के आश्रितों को अविलंब चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने की मांग की है.
