Darbhanga News: बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में अगस्त से शुरू होने वाले श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है. गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय में न्यास समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतार
बैठक में निर्णय लिया गया कि गजेंद्र नारायण सिंह धर्मशाला से मंदिर तक कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए घुमावदार बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि कतार व्यवस्थित रहे और जलाभिषेक में अनावश्यक विलंब न हो.
मंदिर परिसर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था रहेगी. गर्भगृह में दोनों को बारी-बारी से प्रवेश दिया जाएगा, जबकि दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी मंदिर के बाहरी द्वार से होगी.
शिवगंगा घाट पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
श्रावणी मेले के दौरान शिवगंगा घाट पर स्नान करने वाली महिलाओं के लिए अस्थायी टेंट बनाकर कपड़े बदलने की व्यवस्था की जाएगी.
साथ ही माइकिंग, मेडिकल टीम और दंडाधिकारी का कैंप भी रहेगा. श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बांस-बल्ले से घेराबंदी की जाएगी तथा गोताखोरों की तैनाती की जाएगी.
यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था
बड़े वाहनों की पार्किंग सतीघाट उच्च विद्यालय और धोबलिया रोड पुल के पास बनाई जाएगी. दोनों स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को वहीं रोका जाएगा.
बाइक और टेम्पो को पांड़ो दर्शनीय स्थल से आगे नहीं जाने दिया जाएगा. सतीघाट, पांड़ो और असमा में भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग के साथ दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की जाएगी.
सीसीटीवी से होगी निगरानी
मंदिर के गर्भगृह, परिसर, शिवगंगा घाट, धर्मशाला और बाजार क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से पूरे मेले की निगरानी की जाएगी.
इसके अलावा मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा तथा परिसर, धर्मशाला और बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाएगी.
बैठक में न्यास समिति के सचिव गोपाल चौधरी, कोषाध्यक्ष कविता कुमारी, सदस्य विमल चंद्र खां, संतोष पोद्दार, मणिकांत झा, शंकर चौपाल, सत्यानंद साह सहित अन्य सदस्य और कर्मी उपस्थित रहे.
