50 प्रतिशत से अधिक किसानों के पास फार्मर आइडी नहीं, खाद विक्रेताओं ने किसान हित में उठाई मांग

कुशेश्वरस्थान के करीब 50% किसानों के पास अभी तक फार्मर आईडी कार्ड नहीं है, जिससे उन्हें खाद-बीज खरीदने में समस्या आ सकती है. खाद-बीज विक्रेताओं ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की है.

Farmer ID Card: कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के खाद-बीज विक्रेता संघ की संयुक्त बैठक रविवार को सोहरबाघाट में हुई. बैठक की अध्यक्षता कुशेश्वरस्थान प्रखंड अध्यक्ष गुरु चरण पूर्वे एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड अध्यक्ष बबन प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से की.

बैठक में किसानों और खाद-बीज के खुदरा विक्रेताओं की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए खुदरा विक्रेताओं को सभी प्रकार के उर्वरक उचित कीमत पर उपलब्ध कराने की मांग की गयी.

टैगिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग

बैठक में विक्रेताओं ने खाद के साथ की जाने वाली टैगिंग व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठायी. साथ ही थोक विक्रेताओं द्वारा खुदरा विक्रेताओं के गोदाम तक उर्वरक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गयी.

50 प्रतिशत किसानों के पास नहीं फार्मर आइडी

प्रखंड अध्यक्ष गुरु चरण पूर्वे ने कहा कि दोनों प्रखंडों के करीब 50 प्रतिशत किसानों के पास अब तक फार्मर आइडी कार्ड नहीं है. ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में किसान उर्वरक खरीदने से वंचित हो सकते हैं.

उन्होंने दोनों प्रखंडों के बीएओ से फार्मर आइडी से वंचित किसानों का शीघ्र पंजीकरण कराने की मांग की, ताकि किसानों को उर्वरक खरीदने में परेशानी नहीं हो.

बैठक में कई विक्रेता रहे मौजूद

बैठक का संचालन प्रवीण यादव ने किया. इस दौरान उपेंद्र महतो, रौशन नायक, श्याम बाबू गुप्ता, रंजन चौधरी, महेश यादव, मनीष यादव, ललित यादव, शशि सिंह सहित कई खाद-बीज विक्रेता मौजूद थे.

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By सुधीर कुमार चौधरी

सुधीर कुमार चौधरी 17 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. सामाजिक, राजनीतिक, अपराध व धर्म-संस्कृति जैसे विषयों पर इनकी पैनी नजर रहती है और वे इन बीट्स पर सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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