दरभंगा: हायाघाट प्रखंड क्षेत्र में बिहार सरकार के विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम अब गति पकड़ने लगा है. इन दिनों मझौलिया-बिसाईपट्टी मौजा में सर्वेक्षण कार्य चल रहा है. सर्वे अमीन मो. गुलजार के नेतृत्व में टीम सुबह से ही खेतों में रैयतों की मौजूदगी में प्लॉट का भौतिक सत्यापन कर रही है.
नक्शा और GPS से हो रहा जमीन का मिलान
सर्वे टीम नक्शा, चेन, जीपीएस उपकरण और एरियल मैप की मदद से जमीन की चौहद्दी, रकवा और किस्म का मिलान कर रही है. अमीन मो. गुलजार ने बताया कि मौजा में सर्वे का काम 18 सितंबर से शुरू हुआ है. प्रतिदिन औसतन 20 से 25 प्लॉट का सर्वेक्षण किया जा रहा है.
बगीचों और झाड़ी वाले क्षेत्रों में पेड़ों के कारण एरियल मैप स्पष्ट नहीं होने से सीमा निर्धारण में अधिक समय लग रहा है.
रैयतों से लिये जा रहे जमीन के दस्तावेज
अमीन ने बताया कि सर्वे के दौरान रैयतों से खतियान, केवाला, जमाबंदी, वंशावली समेत अन्य जमीन संबंधी दस्तावेज लिये जा रहे हैं. पुराने और वर्तमान नक्शे में अंतर मिलने पर रैयतों की सहमति से आवश्यक सुधार किया जा रहा है.
कागजात तैयार रखने की अपील
सर्वे कर्मियों ने रैयतों से अपने जमीन संबंधी कागजात तैयार रखने की अपील की है, ताकि सर्वेक्षण का काम सुचारु रूप से पूरा किया जा सके. कर्मियों के अनुसार, भूमि का सही रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है.
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