Darbhanga News: सेवा नवीकरण की मांग को लेकर संस्कृत विश्वविद्यालय में अतिथि प्राध्यापकों ने शुरू किया अनशन

Darbhanga News:कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में 58 अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने बुधवार से सेवा नवीकरण की मांग को लेकर विवि मुख्यालय में आंदोलन शुरू कर दिया है.

Darbhanga News: दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में 58 अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने बुधवार से सेवा नवीकरण की मांग को लेकर विवि मुख्यालय में आंदोलन शुरू कर दिया है. विवि मुख्यालय में अतिथि प्राध्यापकों ने मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. फिर मेन गेट के पास बरामदे पर बैठ गये. संघ के अध्यक्ष डॉ मुकेश प्रसाद निराला, सचिव डॉ अभय शंकर सहित डॉ रामकुमार झा, डॉ सुभाषचंद्र प्रसाद, डॉ शुभेंदु पाठक, डॉ कमलेन्द्र चक्रपाणि, डॉ आलोक, डॉ राजेश कुमार सिंह, डॉ माया कुमारी, प्रियंका तिवारी, डॉ नियति, डॉ कमलेंद्र चक्रपाणि, डॉ त्रिलोक झा, डॉ आनंद दत्त आदि ने बताया कि कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी की गयी तो अंदर से निकलकर कुलपति ने कहा है कि मांग पर विचार किया जा रहा है. आंदोलन करना है, तो नीचे जाकर करें. इसके बाद नारेबाजी करते हुए आंदोलनकारी ग्राउंड फ्लोर पर जाकर अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठ गए.

काम ले रहे, पर नहीं बनाने दे रहे उपस्थिति

मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सभी सहायक प्राध्यापकों से कार्य लिया जा रहा है, लेकिन कुछ पीजी विभाग सहित कालेजों में उपस्थिति दर्ज करने पर मौखिक रूप से रोक लगा दी गई है. कार्य लेने के बावजूद सेवा नवीनीकरण की अधिसूचना जारी नहीं की जा रही है. विवि ने उपस्थिति दर्ज करने पर रोक संबंधी पत्र भी जारी नहीं किया है. कहा कि फिर कुछ पीजी विभागाध्यक्ष व प्रधानाचार्य किस अधिकार के तहत उपस्थिति दर्ज करने पर रोक लगाये हुये हैं.

विश्वविद्यालय में शुरू हो चुका है नया सत्र

वक्ताओं ने कहा कि सत्र 2025-26 के शैक्षिक पंचांग के अनुसार 24 जून से सत्रारंभ हो चुका है. 10 जुलाई को नवनामांकित छात्रों का वर्गारंभ भी हो चुका है. हालांकि विवि ने नामांकन के लिए 21 जुलाई तक का समय निर्धारित कर रखा है. विश्वविद्यालय ने अभी तक कार्य लेने या सेवा नवीकरण से संबंधित कोई पत्र जारी नहीं किया है. जबकि लनामिवि ने 19 जून को ही इस सत्र में अतिथि सहायक प्राध्यापकों से सेवा लेने एवं चार जुलाई को सेवा नवीकरण की अधिसूचना जारी की जा चुका है. ससमय सेवा नवीकरण नहीं होने से अतिथि सहायक प्राध्यापकों को मानसिक एवं आर्थिक दोनों क्षति हो रही है. कहा कि मासिक मानदेय का भुगतान भी फरवरी माह तक का ही हुआ है. दो माह का मानदेय भी लंबित है.

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By PRABHAT KUMAR

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