Bihar Teacher News: बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के मुख्य संरक्षक नंदन कुमार सिंह ने बिहार सरकार और शिक्षा विभाग से नए शिक्षक मानक को तत्काल प्रभाव से रद्द कर पूर्व में लागू शिक्षक मानक को बहाल करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि नया शिक्षक मानक न तो व्यावहारिक है और न ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अनुरूप है.
जबरन स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग
नंदन कुमार सिंह ने कहा कि नए शिक्षक मानक के आधार पर बड़ी संख्या में शिक्षकों को सरप्लस घोषित कर जबरन स्थानांतरित किया जा रहा है. इससे विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी.
उन्होंने कहा कि कक्षा 1 से 5 तक केवल 60 विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों की व्यवस्था गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य के विपरीत है. दो शिक्षक सभी कक्षाओं, विषयों, मूल्यांकन और प्रशासनिक कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर सकते.
हर विषय के लिए शिक्षक की हो नियुक्ति
उन्होंने मांग की कि प्रत्येक मध्य विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या चाहे जितनी भी हो, प्रत्येक विषय के लिए कम से कम एक विषय शिक्षक की पदस्थापना सुनिश्चित की जाए.
उर्दू शिक्षकों के स्थानांतरण का भी विरोध
संघ के जिला सचिव शाहनवाज आलम ने कहा कि जिन विद्यालयों में उर्दू भाषी विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहां कार्यरत उर्दू शिक्षकों को सरप्लस घोषित कर स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने इसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया.
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि जहां उर्दू के विद्यार्थी नामांकित हैं, वहां उर्दू शिक्षक का पद किसी भी परिस्थिति में समाप्त न हो.
4 अगस्त की पदयात्रा में शामिल होने का आह्वान
शाहनवाज आलम ने जिले के सभी शिक्षकों से 4 अगस्त को बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के बैनर तले आयोजित पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षकों की एकजुट आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए यह जरूरी है.
संघ के नेताओं ने सरकार से छात्रहित, शिक्षकहित और शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए नए शिक्षक मानक की समीक्षा कर पुराने मानक को बहाल करने तथा सरप्लस के नाम पर किए जा रहे जबरन स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.
