Biroul News: बिरौल थाना पुलिस ने बुधवार को सुपौल हाटी कोठी पुल के पास से चार नाबालिग बच्चों को संरक्षण में लिया. बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनसे जबरन मजदूरी कराई जाती थी और मारपीट भी की जाती थी. मामले में पुलिस ने एक पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.
हल्ला सुनकर सक्रिय हुई पुलिस
थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि सअनि राजीव कुमार पुलिस टीम के साथ हाटी कोठी पुल के पास मौजूद थे. इसी दौरान एक व्यक्ति ने सूचना दी कि कुछ बच्चों को जबरन ले जाया जा रहा है.
पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बताया कि वे बंधुआ मजदूरी और उत्पीड़न से परेशान होकर वहां से भागे हैं.
बच्चों के पीछे पहुंचे दंपती गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान बच्चों से काम कराने वाले पति-पत्नी भी वहां पहुंच गए. उन्होंने दावा किया कि बच्चों के परिजनों की सहमति से वे उनके साथ रह रहे थे.
हालांकि जांच में सामने आया कि बहेड़ा थाना क्षेत्र के राम धोबिया गांव निवासी दंपती जगदीशपुर में इन बच्चों से मजदूरी कराता था. बच्चों ने आरोप लगाया कि उनसे काम कराने के साथ मारपीट भी की जाती थी. उत्पीड़न से तंग आकर वे रात में नेहरा से भागकर बिरौल जाने वाली बस में सवार हो गए थे.
बाल कल्याण समिति को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
पुलिस ने चारों बच्चों को संरक्षण में लेकर जिला बाल कल्याण समिति को सूचना दी. प्रयास संस्था के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया जाएगा. इसके बाद उनके पुनर्वास और परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू होगी.
बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी कानून के तहत केस
पुलिस ने गिरफ्तार दंपती के खिलाफ बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी से संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. आगे की कार्रवाई के लिए मामला नेहरा थाना को हस्तांतरित कर दिया गया है.
इस कार्रवाई में सामाजिक कार्यकर्ता नारद मंडल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
