जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ का संकट बरकरार, नाव के सहारे आवागमन को मजबूर लोग

कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में बाढ़ के कारण निचले इलाकों का सड़क संपर्क अभी भी बाधित है. छात्र-छात्राएं और नौकरीपेशा लोग नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं.

Darbhanga News: कोसी और कमला बलान नदी का जलस्तर घटने के बाद लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात अब भी सामान्य नहीं हो सके हैं. इटहर, चौकिया, लक्ष्मिनियां, बलथरवा, पोखर, तिलकेश्वर और सुघराइन पंचायत के निचले इलाकों का सड़क संपर्क अभी भी बाधित है. इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.

Kusheshwarsthan Flood News: नाव के सहारे स्कूल और नौकरी पहुंच रहे लोग

सड़क संपर्क बाधित रहने के कारण लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है. इसका सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ा है, क्योंकि कई बच्चे नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं. वहीं नौकरीपेशा लोगों को भी रोजाना घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने बताई रोजमर्रा की परेशानी

चौकिया निवासी वसंत राम ने बताया कि उन्हें अपनी मोटरसाइकिल किनारे छोड़कर नाव से पश्चिमी तटबंध जाना पड़ता है. नाव पूरी सवारी भरने के बाद ही रवाना होती है, जिससे कार्यालय पहुंचने में रोज देरी हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क संपर्क बहाल नहीं होने तक उनकी परेशानी कम नहीं होगी.

अवैध किराया वसूली की होगी जांच

सीओ राकेश रोशन भारती ने बताया कि आपदा मित्रों के साथ बैठक बुलाई गई है और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि नाविकों द्वारा अवैध किराया वसूले जाने की शिकायत मिली है. इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

संतोष पोद्दार को पत्रकारिता का 20 वर्षों का लंबा अनुभव है. ये सामाजिक, राजनीतिक, आपराधिक व धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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