दरभंगा वेदर: जिले में मानसून की बेरुखी अब किसानों की चिंता का बड़ा कारण बन गई है. पिछले एक सप्ताह से आसमान में बादल तो छाए हैं, लेकिन बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी. ऐसे में खरीफ की मुख्य फसल धान पर संकट गहराने लगा है. रोपनी के बाद जिन पौधों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है, वे अब सूखने लगे हैं. खेतों की मिट्टी फटकर दरारों में बदल रही है और धान के पौधे पीले पड़ने लगे हैं.
सूख रहे खेत, बढ़ रही किसानों की परेशानी
बारिश नहीं होने से निचले इलाकों के खेतों की नमी भी खत्म होने लगी है. धान की फसल को बचाने के लिए किसान इलेक्ट्रिक पंप और बोरिंग के सहारे पटवन कर रहे हैं. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है.
15 दिन से बारिश का इंतजार
किसान रामवृक्ष मांझी, श्यामनंदन यादव, अशोक यादव, राधेश्याम यादव और दशरथ यादव ने बताया कि बादलों को देखकर उन्होंने धान की रोपनी कर दी थी. उन्हें उम्मीद थी कि जल्द बारिश होगी, लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से बारिश नहीं हुई. अब खेतों में पानी की कमी से फसल प्रभावित होने लगी है.
बिजली और डीजल अनुदान की मांग
किसान जंगी यादव और सुरेश सिंह ने बताया कि डीजल की बढ़ती कीमत और अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण सिंचाई करना भी मुश्किल हो गया है. किसानों ने जिला प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और सिंचाई के लिए डीजल पर अनुदान देने की मांग की है, ताकि धान की फसल को बचाया जा सके.
मौसम विभाग ने जताई बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई है. हालांकि किसान अब भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. गांवों की चौपालों पर एक ही सवाल गूंज रहा है, "बादल तो आ रहे हैं, लेकिन बरसेंगे कब?" यदि समय रहते अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसल पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है, जिसका असर किसानों की आय और क्षेत्र के अनाज उत्पादन पर भी पड़ेगा.
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