धान रोपनी की जगह बीज की सीधी बुआई कर रहे किसान

मानसून में देरी के कारण दरभंगा के किसान धान की रोपनी के बजाय बीज की सीधी बुआई (बोगहा विधि) कर रहे हैं। जानें कम लागत वाली इस खेती के बारे में पूरी जानकारी।

कमतौल, दरभंगा. मानसून के विलंब और खेतों में नमी नहीं रहने से धान की रोपनी पिछड़ रही है. किसान खेतों में पानी के अभाव से जूझ रहे हैं. ऐसे में पारंपरिक "बोगहा " यानी छिटकवां विधि से धान की खेती ही किसानों के लिए एकमात्र सहारा बनी है. जाले प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव में किसान ट्रैक्टर से सूखे खेत की जुताई कर बीज छीट रहे हैं. इस विधि में बारिश होने पर बीज अंकुरित होकर फसल देता है. कम लागत और कम श्रम के कारण सूखे वाले वर्षों में किसान इसे अपनाते हैं. अहियारी के किसान गोपाल कुमार ने कहा डीजल महंगा है. बोरिंग से पटवन संभव नहीं. इसलिए दो एकड़ में बोगहा कर दिया है.अब भगवान भरोसे हैं. अहियारी के किसान राघवेंद्र ठाकुर ने बताया, पिछले साल भी इसी विधि से फसल ली थी. अगर जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी अच्छी बारिश हो जाए तो उपज अच्छी होगी. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बोगहा विधि में उपज रोपनी की तुलना में 15-20 प्रतिशत कम हो सकती है, लेकिन सूखे की स्थिति में यह जोखिम घटाने का बेहतर विकल्प है.

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By Shivendra kumar shar

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