Darbhanga News: मानसून की बारिश के बाद क्षेत्र में अगात धान की फसल तेजी से बढ़ने लगी है. खेतों में हरियाली लौटते ही किसान फसल की देखभाल में जुट गए हैं. पिछले सप्ताह रुक-रुक कर हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिसका लाभ उठाते हुए किसान रोपनी के बाद पहली खुराक के रूप में यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं.
Kamtaul News: किसान खाद डालने में जुटे
स्थानीय किसान रामविलास यादव ने बताया कि समय पर बारिश होने से रोपनी का कार्य आसानी से पूरा हो गया. अब खेतों में खाद-पानी देने का काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि यूरिया डालने के बाद फसल की बढ़वार बेहतर दिखाई दे रही है और इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है.
कृषि विभाग ने दी संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार रोपनी के 15 से 20 दिन बाद यूरिया का प्रयोग करने से पौधों की बढ़वार अच्छी होती है और पत्तियां हरी-भरी रहती हैं. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि यूरिया डालते समय खेत में दो से तीन इंच पानी होना चाहिए, ताकि खाद सीधे जड़ों तक पहुंचे. साथ ही डीएपी और पोटाश का भी संतुलित उपयोग करने की सलाह दी गई है.
खेतों में बढ़ी किसानों की चहल-पहल
कमतौल, अहियारी, टेकटार समेत आसपास के इलाकों में इन दिनों खेतों में किसानों की गतिविधियां तेज हो गई हैं. कहीं निराई-गुड़ाई चल रही है तो कहीं कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है. कृषि विभाग का मानना है कि समय-समय पर हो रही बारिश और खाद की उपलब्धता के कारण इस वर्ष धान की फसल बेहतर रहने की संभावना है. विभाग ने किसानों से केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदने और नकली उर्वरकों से बचने की अपील की है.
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