Paddy Farming Bihar: दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की खेती संकट में पड़ गई है. आषाढ़ बीत जाने और सावन शुरू होने के बावजूद अच्छी वर्षा नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं. नमी के अभाव में धान की रोपनी नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
धान की रोपनी छोड़ सुखजोत करा रहे किसान
बारिश की उम्मीद कमजोर पड़ने के बाद किसान अब धान की रोपाई की तैयारी छोड़कर ट्रैक्टर से खेतों में सुखजोत करा रहे हैं. उनका कहना है कि इससे खेतों में उगी खर-पतवार नष्ट हो जाएगी और भविष्य में बारिश होने पर रोपनी के लिए खेत तैयार मिलेंगे.
एक सप्ताह में बारिश नहीं हुई तो बढ़ेगी मुश्किल
किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है. यदि अगले एक सप्ताह के भीतर पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो इस बार धान की फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि पम्पसेट के सहारे बड़े पैमाने पर धान की रोपनी करना अधिकांश किसानों के लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है.
किसानों ने सरकार से की ये मांग
बारिश की कमी को देखते हुए किसानों ने सरकार से कई मांगें रखी हैं.
| किसानों की मांग | उद्देश्य |
| वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था | धान की रोपनी बचाने के लिए |
| डीजल अनुदान | सिंचाई लागत कम करने के लिए |
| फसल नुकसान पर मुआवजा | संभावित आर्थिक नुकसान की भरपाई |
कृषि विभाग ने क्या कहा?
कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष किसानों के लिए बीज और खाद की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की गई थी. लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसान इनका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.
विभाग का कहना है कि लगातार सूखे जैसी स्थिति से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. कई किसानों ने खेती में किए गए निवेश के डूबने की आशंका भी जताई है. यदि जल्द बारिश नहीं हुई, तो धान उत्पादन पर व्यापक असर पड़ सकता है.
