आषाढ़ बीता, सावन भी सूखा... बारिश नहीं होने से कमतौल में धान की खेती पर संकट

कमतौल क्षेत्र में कमजोर मानसून के कारण धान की रोपनी ठप हो गई है. आषाढ़ और सावन के महीने बीतने के बावजूद अच्छी बारिश न होने से खेत सूख रहे हैं और धान के बिचड़े पीले पड़ रहे हैं. किसानों को सूखे की आशंका सता रही है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं.

दरभंगा वेदर: कमतौल क्षेत्र में कमजोर मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. आषाढ़ का महीना बीत चुका है और सावन की शुरुआत भी हो गई, लेकिन अब तक अच्छी बारिश नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं. बादल तो छा रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे. पिछले पंद्रह दिनों से अधिक समय से बूंदभर बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपनी लगभग ठप हो गई है. खेत बंजर जैसे दिखने लगे हैं और धान के बिचड़े पीले पड़ने लगे हैं. किसान अब सूखे की आशंका से परेशान हैं.

बारिश नहीं होने से रोपनी पर लगा ब्रेक

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई प्रभावित हो रही है. खेतों में नमी नहीं बची है, जिससे रोपनी का काम रुक गया है. जिन किसानों ने पहले से बिचड़ा तैयार किया था, उनके पौधे भी अब पीले पड़ने लगे हैं. अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो धान की पूरी फसल प्रभावित हो सकती है.

नदी-तालाब भी नहीं भर पाए

अहियारी गांव के किसान जगन्नाथ पासवान, महेंद्र महतो, अरुण राय और वीरेंद्र यादव बताते हैं कि आमतौर पर इस समय तक क्षेत्र की नदियां और तालाब पानी से भर जाते थे, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है. उनका कहना है कि खिरोई नदी में पर्याप्त पानी नहीं है और गांव के तालाब भी आधे से अधिक नहीं भर पाए हैं. किसानों के अनुसार, कई वर्षों बाद ऐसा सूखे जैसा माहौल देखने को मिल रहा है.

महंगे डीजल ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल

किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होने की स्थिति में डीजल पंप के सहारे पटवन करना उनकी मजबूरी बन गई है, लेकिन बढ़ती डीजल कीमतों ने खेती की लागत काफी बढ़ा दी है. किसानों के मुताबिक, एक एकड़ खेत की सिंचाई में 15 से 16 घंटे तक पंप चलाना पड़ रहा है, फिर भी पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है. इससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है.

जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल बचाना होगा मुश्किल

किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने सरकार और कृषि विभाग से किसानों की स्थिति पर ध्यान देने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.

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By Shivendra kumar shar

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