Darbhanga News: प्रखंड क्षेत्र की करीब आधा दर्जन पंचायतों में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है. भीषण गर्मी और जलस्तर नीचे जाने के कारण निजी और सरकारी चापाकल सूखने लगे हैं. नल-जल योजना की पाइपलाइन से भी पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.
सबसे खराब स्थिति उघरा पंचायत के वार्ड 11 में बतायी जा रही है. पूरे वार्ड में फिलहाल एक निजी समरसेबुल ही चालू है. इसी एकमात्र जलस्रोत से सैकड़ों परिवारों को पानी लेना पड़ रहा है. सुबह से शाम तक लोग बाल्टी लेकर कतार में खड़े रहते हैं. कई बार पानी लेने को लेकर कहासुनी और विवाद की स्थिति भी बन जाती है.
रात 3 बजे से पानी के लिए लगानी पड़ती है लाइन
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक सप्ताह से स्थिति बेहद खराब है. सुमित्रा देवी ने बताया कि पानी लेने के लिए रात तीन बजे से लाइन लगानी पड़ती है. इसके बाद भी दो-तीन बाल्टी पानी ही मिल पाता है. पानी की कमी के कारण बच्चों को स्कूल जाने से पहले स्नान तक करने में परेशानी हो रही है.
दुर्गा झा, गणेश झा और मधु कुमारी समेत अन्य लोगों ने बताया कि समस्या केवल वार्ड 11 तक सीमित नहीं है. पूरे उघरा पंचायत में पेयजल संकट बना हुआ है. सरकारी नल-जल योजना की पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा है और चापाकल भी जवाब दे चुके हैं.
टैंकर से पानी और नये चापाकल लगाने की मांग
वार्ड सदस्य के अनुसार, पेयजल समस्या को लेकर विभाग को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. भरत महापात्रा ने बताया कि करीब एक सप्ताह से मोटर खराब होने के कारण भी पानी की आपूर्ति प्रभावित है. जनप्रतिनिधियों और पीएचइडी को इसकी जानकारी दी गयी है.
स्थानीय लोगों ने प्रखंड प्रशासन और पीएचइडी से युद्धस्तर पर टैंकर से पानी उपलब्ध कराने तथा नये चापाकल और समरसेबुल लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गर्मी के बीच स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी बढ़ सकती है.
"इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पीएचइडी को इसकी सूचना दी गयी है. साथ ही पीएचइडी को जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया गया है."- आनंद कुमार विभूति, बीडीओ
