डीएमसीएच की दो एक्स-रे मशीनें खराब, निजी जांच केंद्रों का सहारा ले रहे मरीज

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में एक्स-रे मशीनों के खराब होने के कारण गंभीर संकट खड़ा हो गया है. मरीजों को जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके इलाज पर असर पड़ रहा है. कई मरीज निजी जांच केंद्रों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.

Darbhanga News: दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में एक्स-रे जांच व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है. अस्पताल की दो प्रमुख एक्स-रे मशीनें खराब होने के कारण फिलहाल पूरी व्यवस्था केवल एक मशीन के भरोसे संचालित हो रही है. इससे प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और गंभीर मरीजों के इलाज पर भी असर पड़ रहा है.

दो मशीनें खराब, एक पर पूरा दबाव

जानकारी के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले दो दिनों से खराब है. वहीं पुराने ओपीडी भवन में स्थापित एक्स-रे मशीन पहले से ही बंद पड़ी है.

ऐसे में पूरे अस्पताल की एक्स-रे जांच व्यवस्था केवल एक मशीन पर निर्भर हो गई है. सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग रही है और जांच के लिए कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है.

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गंभीर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा असर

अस्पताल में सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को हो रही है. सड़क दुर्घटना, हड्डी टूटने और गंभीर चोट के मामलों में चिकित्सकों को तत्काल एक्स-रे रिपोर्ट की आवश्यकता होती है.

मशीनों की कमी के कारण कई बार मरीजों को निजी जांच केंद्रों से एक्स-रे कराकर रिपोर्ट लानी पड़ रही है, जिससे इलाज शुरू होने में भी देरी हो रही है.

मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में कम खर्च या निःशुल्क इलाज की उम्मीद लेकर आने के बावजूद उन्हें निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है.

लोगों ने अस्पताल प्रशासन से खराब मशीनों की जल्द मरम्मत कर एक्स-रे सेवा सामान्य करने की मांग की है.

चिकित्सकों ने भी जताई चिंता

अस्पताल के कई चिकित्सकों ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि एक्स-रे जैसी बुनियादी जांच सुविधा प्रभावित होने से उपचार प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ता है. बिना जांच रिपोर्ट के कई मामलों में आगे का उपचार शुरू करना संभव नहीं हो पाता, जिससे मरीजों और चिकित्सकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.


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लेखक के बारे में

Author: Ajay kumar mish

Published by: Sarfaraz Ahmad

अजय कुमार मिश्रा पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. स्वास्थ्य, एयरपोर्ट, परिवहन, सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर गंभीर और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग इनकी पहचान है. आम जनजीवन से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना इनकी कार्यशैली की विशेष पहचान रही है.

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