Darbhanga : गरीब लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा डीएमसीएच

डीएमसीएच आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए लोगों के लिये आशा और विश्वास का मजबूत स्वास्थ्य केंद्र बनकर उभरा है.

नवंबर में 70 हजार से अधिक मरीजों का हुआ इलाज

सबसे अधिक मेन ओपीडी पहुंचे 55 हजार से अधिक मरीज

दरभंगा. डीएमसीएच आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए लोगों के लिये आशा और विश्वास का मजबूत स्वास्थ्य केंद्र बनकर उभरा है. मिथिला के कई जिलों के साथ ही नेपाल की तराई से भी लोग चिकित्सा के लिये यहां आ रहे हैं. अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा, अनुभवी चिकित्सक और किफायती इलाज को लेकर डीएमसीएच गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है. पिछले माह में ही 70 हजार से अधिक मरीज यहां इलाज कराने पहुंचे. यह आंकड़े इसकी लोकप्रियता को बता रहा है. विभागीय जानकारी के अनुसार नवंबर माह डीएमसीएच में कुल 70 हजार 789 मरीजों का इलाज किया गया. इनमें से सर्वाधिक मरीज मेन ओपीडी पहुंचे. मेन ओपीडी में 55458 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया. आपातकालीन विभाग में 6434 लोगों का उपचार किया गया. इसके अलावा विभिन्न विभागों में भर्ती मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ लिया. जानकारी के अनुसार मेन ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 2500 मरीज इलाज को लेकर रजिस्ट्रेशन कराते हैं.

मरीजों के अनुकूल है चिकित्सा व्यवस्था

डीएमसीएच में इलाज की व्यवस्था गरीब मरीजों के अनुकूल है. पांच रुपये पंजीकरण शुल्क में ही परामर्श, इलाज एवं जांच आदि की सुविधा है. यही कारण है कि निजी अस्पतालों में महंगे इलाज की बोझ नहीं ढ़ो सकने तथा वहां की ठगी से बचने के लिये लोग इस सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीजों के रजिस्ट्रेशन से पिछले माह तीन लाख रुपये से अधिक का राजस्व भी प्राप्त हुआ है.

व्यवस्था से खुश दिखे मरीज

मरीजों का कहना है कि डीएमसीएच में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाता है. आवश्यक सभी जांच आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध है. कई मरीजों ने बताया कि यहां उन्हें वह इलाज मिला, जिसकी वे स्थानीय निजी अस्पतालों में अपेक्षा नहीं कर सकते. खासकर विभिन्न प्रकार के पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी से संबंधित महंगी जांच गरीब, मजदूर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों के लिए संजीवनी से कम नहीं है.

पिछले माह विभिन्न विभागों में रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या

विभाग- रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या

मेन ओपीडी- 55458एएनसी ओपीडी- 1659

कैंसर- 40

शिशु- 1617

सुपर स्पेशलिटी- 2492

एमसीएच- 1036

इमरजेंसी- 6434

गायनिक- 2023

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Author: SATISH KUMAR

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