विस्थापित दुकानदारों का लंबा इंतजार हुआ खत्म, दरभंगा मेयर ने  व्यवसायियों को सौंपी चाबी

Darbhanga News: दरभंगा नगर निगम ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर लहेरियासराय बीके रोड के विस्थापित दुकानदारों का पुनर्वास शुरू किया. मेयर अंजुम आरा और डिप्टी मेयर नाजिया हसन ने पहले चरण में 11 व्यवसायियों को सौंपी चाबी. जानिए खबर विस्तार से…

Darbhanga News: दरभंगा के बीके रोड स्थित निगम बाजार भवन के उन दुकानदारों के जीवन में सोमवार को एक नया सवेरा आया, जो पिछले लंबे समय से अपनी दुकानों के उजड़ने के बाद से मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान चल रहे थे. रोड ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण के कारण विस्थापित हुए इन छोटे और मध्यम श्रेणी के व्यापारियों का वर्षों का लंबा इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो गया है. माननीय पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) के ऐतिहासिक आदेश के आलोक में त्वरित अनुपालन सुनिश्चित करते हुए दरभंगा नगर निगम प्रशासन ने विस्थापित हुए कुल 74 दुकानदारों के विधिवत पुनर्स्थापन (पुनर्वास) की आधिकारिक प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है.

मेयर ने सौंपी नई दुकानों की चाबी

इस बहुप्रतीक्षित पुनर्वास प्रक्रिया की शुरुआत के तहत दरभंगा नगर निगम के मुख्य सभागार में एक भव्य और आधिकारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान नगर सरकार के शीर्ष नेतृत्व यानी महापौर (मेयर) अंजुम आरा, उप महापौर (डिप्टी मेयर) नाजिया हसन और नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के कद्दावर सदस्य नफीसुल हक रिंकू, राजीव सिंह एवं नारद यादव ने संयुक्त रूप से पहले चरण के तहत चयनित किए गए 11 विस्थापित दुकानदारों को नवनिर्मित निगम बाजार भवन में आवंटित दुकानों की चाबियां और पजेशन लेटर सौंपे.

निगम की ओर से अधिकार पत्र और दुकान की चाबी प्राप्त करने वाले मुख्य दुकानदारों में निसार अहमद, मो. मुस्लिम, जाहिद अंसारी, राजा झा, रंजीत कुमार शांडिल, जावेद काजमी, शब्बीर अहमद, मो. आशिक और रुक्मणी देवी शामिल हैं. चाबी हाथ में आते ही इन दुकानदारों के चेहरों पर एक बार फिर अपनी आजीविका शुरू करने की बड़ी मुस्कान और संतोष देखा गया.

व्यवसायी वर्ग नगर निगम की असली आर्थिक रीढ़ हैं – मेयर

सभागार में उपस्थित सभी नवनियुक्त आवंटियों और उनके परिवारों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक बधाई देते हुए महापौर अंजुम आरा ने एक बेहद संवेदनशील और भावुक वक्तव्य दिया. उन्होंने कहा कि ये सभी दुकानदार नगर निगम के लिए केवल कोई महज किराएदार भर नहीं हैं, बल्कि ये सभी हमारे बड़े निगम परिवार का एक अभिन्न और सम्मानित हिस्सा हैं.

मेयर ने रेखांकित करते हुए कहा कि स्थानीय व्यवसायी वर्ग ही असल में नगर निगम की मुख्य आर्थिक रीढ़ हैं, जो शहर के विकास में अपना टैक्स देकर योगदान देते हैं. उन्होंने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि निगम प्रशासन भविष्य में भी उनके व्यापार को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए चौबीस घंटे तत्पर रहेगा.

साझा प्रयासों और प्रशासनिक मुस्तैदी से खड़ा हुआ नया बाजार भवन

इस ऐतिहासिक मौके पर अपनी बात रखते हुए व्यवसायी महासंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक नायक ने नगर निगम की वर्तमान टीम की कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना की. उन्होंने कहा कि माननीय महापौर, उप महापौर, नगर आयुक्त राकेश गुप्ता और नगर निगम के तमाम वार्ड पार्षदों की मजबूत इच्छाशक्ति और साझा प्रशासनिक प्रयासों के कारण ही इस नए और आधुनिक बाजार भवन का निर्माण समय सीमा के भीतर संभव हो पाया है. इस दूरगामी कदम से विस्थापित हो चुके दर्जनों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को एक बार फिर से उनकी रोजी-रोटी और रोजगार का सम्मानजनक साधन वापस मिल सकेगा.

इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम का सफल मंच संचालन निगम के बाजार प्रभारी राजाराम द्वारा किया गया. इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए शहर के प्रमुख प्रबुद्ध नागरिकों में शंकर चौधरी, पिंकी झा, दीपक जायसवाल, प्रभाकर झा, सुनील ठाकुर सहित भारी संख्या में स्थानीय फुटकर दुकानदार और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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Published by: Purushottam Kumar

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