Darbhanga News: दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत नवटोल गांव से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है. यहां शुक्रवार को पशुओं के लिए चारा लाने गई एक 12 वर्षीय किशोरी की पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे के बाद मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.
हादसे की त्वरित जानकारी सारणी (Quick Info Table)
| घटना का विवरण | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| घटना का स्थान | नवटोल गांव, बिरौल थाना क्षेत्र, दरभंगा |
| मृतिका का नाम | नसरीना खातून (उम्र: 12 वर्ष) |
| पिता का नाम | मो. शफीक |
| घटना का समय | शुक्रवार (29 मई) |
| हादसे का कारण | पशुओं के लिए चारा लाने के दौरान पोखर में स्नान करना |
| पुलिस की स्थिति | लिखित शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की बात |
गर्मी से राहत पाने के लिए पोखर में उतरी थी किशोरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवटोल निवासी मो. शफीक की 12 वर्षीय पुत्री नसरीना खातून शुक्रवार को अपने घर से मवेशियों के लिए चारा (घास) लाने के लिए निकली थी. चारा काटने के दौरान ही वह गांव के एक पोखर के समीप पहुंची. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के उद्देश्य से उसने पोखर में स्नान करने का फैसला किया. लेकिन स्नान करने के दौरान उसे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं मिला और वह अचानक गहरे पानी में चली गई, जिससे डूबने के कारण मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं.
किनारे पर कपड़े देख हुआ शक, ग्रामीणों ने निकाला शव
- परिजनों ने शुरू की खोजबीन: नसरीना जब काफी देर तक घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने गांव में उसकी तलाश शुरू की.
- अनहोनी की आशंका: खोजबीन के दौरान जब परिजन और ग्रामीण पोखर के पास पहुंचे, तो वहां किनारे पर नसरीना के कपड़े रखे दिखाई दिए. कपड़े देखकर ग्रामीणों को किसी अनहोनी की गहरी आशंका हुई.
- शव बरामद: स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए पोखर के गहरे पानी में तलाश शुरू की. काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से नसरीना का शव पानी से बाहर निकाला गया. शव को देखते ही माता-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और मृतका के घर ढाढस बंधाने वाले ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक वक्तव्य
बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि के अनुसार: “नवटोल गांव में किशोरी की पोखर में डूबने से मौत होने की मौखिक जानकारी मिली है. हालांकि, इस घटना के संबंध में अब तक मृतका के परिजनों या ग्रामीणों की ओर से थाने को कोई लिखित सूचना या आवेदन नहीं दिया गया है. परिजनों से लिखित आवेदन प्राप्त होने के बाद पुलिस द्वारा नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.”
