Darbhanga News: दरभंगा सदर प्रखंड अंतर्गत कबीरछक के भेलूचक और सदर प्रखंड कार्यालय परिसर के आसपास वर्षों से बनी जलजमाव की गंभीर समस्या को लेकर शनिवार को स्थानीय लोगों ने एकदिवसीय सांकेतिक आंदोलन किया. इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों, मोहल्लावासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर प्रशासन के रवैये के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया.
आंदोलन की त्वरित जानकारी सारणी (Quick Info Table)
प्रखंड कार्यालय और आसपास के रिहायशी इलाकों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की.
| आंदोलन का विवरण | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| प्रभावित स्थान | भेलूचक (कबीरछक), गांधीनगर और सदर प्रखंड कार्यालय परिसर, दरभंगा |
| मुख्य समस्या | वर्षों से बनी जलजमाव और जलभराव की गंभीर समस्या |
| प्रदर्शन का स्वरूप | एकदिवसीय सांकेतिक आंदोलन (शनिवार, 30 मई) |
| वार्ताकार अधिकारी | रवि रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) |
| प्रशासनिक आश्वासन | मुख्य नाला निर्माण, सड़क-नाला टेंडर और पंपिंग सेट की व्यवस्था |
बरसात में भयावह होती है स्थिति, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सामान्य दिनों के साथ-साथ बरसात के मौसम में यहां की स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो जाती है. सड़कों पर घुटनों तक जलभराव हो जाने के कारण स्थानीय लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है.
इस जलजमाव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को उठानी पड़ती है. ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस विकट समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस या स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है.
बीडीओ रवि रंजन ने कराया शांत, टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा
आंदोलन और भारी आक्रोश की सूचना मिलते ही सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) रवि रंजन तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से सीधे वार्ता की. बीडीओ ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए निम्नलिखित आश्वासन दिए:
- मुख्य नाला निर्माण: क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जल्द ही एक मुख्य नाले का निर्माण कराया जाएगा.
- टेंडर की शुरुआत: भेलूचक और गांधीनगर के आंशिक हिस्सों में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क एवं नाला निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी.
- पंपिंग सेट की व्यवस्था: इसके अतिरिक्त, नगर निगम से बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट लगाने का भी प्रयास किया जाएगा.
स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं की दोटूक चेतावनी
प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपने एकदिवसीय आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी.
स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने कहा: “हम लोग वर्षों से इस नरकीय जलजमाव की समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. प्रशासन को अब कागजी दावों से आगे बढ़कर जमीन पर काम दिखाना होगा.”
मुकेश झा ने आंदोलन स्थगित करने पर कहा: “प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन पर फिलहाल आंदोलन को स्थगित किया गया है. लेकिन, यदि निर्धारित समय के भीतर धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी व्यापक और उग्र बनाया जाएगा.”
स्वास्थ्य संबंधी चिंता जताते हुए संजय कुमार ने कहा: “लगातार पानी जमा रहने के कारण पूरे क्षेत्र में महामारी और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा चौबीसों घंटे बना रहता है. प्रशासन को जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए त्वरित कदम उठाने चाहिए.”
