Darbhanga News: दरभंगा एयरपोर्ट पर सात विमानों के एक साथ ठहराव के लिए नया एप्रन बनकर तैयार हो गया है. हालांकि एप्रन को रनवे से जोड़ने वाला टैक्सीवे निर्माण कार्य अब भी अधूरा पड़ा है. इसकी मुख्य वजह एयरपोर्ट परिसर में मौजूद सैकड़ों पेड़ों की शिफ्टिंग का कार्य समय पर पूरा नहीं होना बताया जा रहा है.
टेंडर की अवधि समाप्त, काम अब भी अधूरा
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट विस्तार योजना के तहत करीब तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से नए टर्मिनल भवन और अन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण प्रस्तावित है. इसी के तहत बड़े एप्रन का निर्माण कराया गया है. वर्तमान में सीमित पार्किंग क्षमता के कारण उड़ानों के संचालन में परेशानी होती है. नए एप्रन को रनवे से जोड़ने के लिए टैक्सीवे का निर्माण आवश्यक है, लेकिन जिस रास्ते से टैक्सीवे गुजरना है वहां बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद हैं. इन पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए जारी टेंडर की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद शिफ्टिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है.
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना हो रही प्रभावित
पेड़ों की शिफ्टिंग पूरी होने के बाद ही टैक्सीवे निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जा सकेगा. फिलहाल काम ठप रहने से एयरपोर्ट विस्तार परियोजना की रफ्तार प्रभावित हो रही है. एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि पेड़ों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. बाधा दूर होते ही टैक्सीवे निर्माण कार्य पुनः शुरू कराया जाएगा. इसके पूरा होने के बाद दरभंगा से विभिन्न महानगरों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना है. वर्तमान में यहां से दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद के लिए विमान सेवा संचालित है.
दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
